
Income Tax Bill 2025: भारत की लोकसभा में आज सोमवार 11अगस्त को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक नए आयकर विधेयक को पेश करने वाली हैं। यह विधेयक आयकर कानूनों में अहम बदलाव लाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य कर प्रणाली को और सरल, पारदर्शी और करदाताओं के लिए अनुकूल बनाना है। इस नए विधेयक में प्रवर समिति के सुझाए गए 285संशोधनों को शामिल किया जाएगा। भाजपा सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली प्रवर समिति ने इन संशोधनों को मंजूरी दी थी। यह नया विधेयक करीब 63साल पुराने आयकर अधिनियम, 1961की जगह लेगा।
नए आयकर विधेयक 2025का उद्देश्य
बता दें, नया आयकर विधेयक 2025मौजूदा आयकर अधिनियम, 1961को बदलने या इसमें बड़े पैमाने पर संशोधन करने की दिशा में एक कदम है। वित्त मंत्रालय ने पहले संकेत दिए थे कि सरकार कर प्रणाली को और सरल बनाने, अनुपालन बोझ को कम करने और डिजिटल अर्थव्यवस्था के अनुरूप कर ढांचे को आधुनिक बनाने पर काम कर रही है। यह विधेयक करदाताओं के लिए राहत, व्यापार को बढ़ावा देने और कर संग्रह प्रक्रिया को और कुशल बनाने पर केंद्रित है।
285सिफारिशें, 32बड़े बदलाव
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा कि नए आयकर विधेयक में कई परिवर्तन हैं, जिनमें तकनीकी सुधार और बेहतर क्रॉस-रेफरेंसिंग शामिल हैं। इसके मसौदे पर खर्च हुए समय और मेहनत को लेकर की जा रही आलोचना के जबाव में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि इसे लेकर पहले किया गया काम व्यर्थ नहीं जाएगा।
1. आयकर स्लैब में बदलाव
व्यक्तिगत करदाताओं के लिए टैक्स स्लैब में राहत की संभावना है। नई कर व्यवस्था (New Tax Regime) को और आकर्षक बनाने के लिए मानक कटौती की सीमा बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा मध्यम वर्ग के करदाताओं के लिए टैक्स छूट की सीमा को बढ़ाकर 3लाख रुपये से अधिक किया जा सकता है। साथ ही, पुरानी और नई कर व्यवस्था के बीच चयन को और सरल करने के लिए कुछ नए प्रावधान जोड़े जा सकते हैं।
2. कर छूट और कटौतियां
होम लोन पर ब्याज के लिए धारा 24 के तहत कटौती की सीमा को बढ़ाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। इस विधेयक में इस दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं। स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम और चिकित्सा खर्चों पर धारा 80D के तहत कटौती की सीमा को बढ़ाया जा सकता है।
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