
Share Market: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। आज सुबह बाजार में हल्की तेजी आई, लेकिन दोपहर होते-होते आईटी सेक्टर के शेयरों में बिकवाली शुरू हो गई। इसके परिणामस्वरूप, सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में गिर गए।
बता दें कि,इस गिरावट के मुख्य कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों के बारे में अनिश्चितता और आईटी शेयरों में बिकवाली हैं। इन वजहों से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही 24,000के स्तर से नीचे गिर गए।
सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट
सेंसेक्स के 30प्रमुख शेयरों में से 29शेयर लाल निशान पर बंद हुए। केवल एसबीआई का शेयर 0.59प्रतिशत की बढ़त के साथ हरे निशान पर बंद हुआ। निफ्टी 50के चार्ट पर 46कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई, जबकि अडानी एंटरप्राइजेज, श्रीराम फाइनेंस, एसबीआई और सिप्ला के शेयरों में कुछ तेजी रही।
IT सेक्टर में 4%की गिरावट
BSE में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप 1.52लाख करोड़ रुपये घटकर 442.96लाख करोड़ रुपये पर आ गया। अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों से यह संकेत मिला कि ब्याज दरों में कटौती की गति धीमी रहेगी, जिससे आईटी सेक्टर में 4प्रतिशत तक की गिरावट आई।
अडानी समूह के शेयरों में तेजी
वहीं, अडानी समूह की कंपनियों के शेयरों में बड़ी तेजी देखी गई। अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस और अडानी टोटल गैस के शेयरों में क्रमशः 9प्रतिशत और 9.3प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयरों में भी 8.3प्रतिशत की वृद्धि हुई। यह तेजी तब आई जब अडानी समूह ने यह स्पष्ट किया कि उनके अधिकारियों पर अमेरिकी भ्रष्टाचार कानून का उल्लंघन नहीं हुआ है।
अडानी समूह के शेयरों में बुधवार को लगभग 14बिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई। इससे पहले मंगलवार तक समूह को 34बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ था। इस उछाल के साथ अडानी के अन्य शेयरों में भी 5प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी गई।
कुल मिलाकर, शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है। निवेशक अमेरिकी नीतियों, आईटी सेक्टर की स्थिति और अडानी समूह के प्रदर्शन पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।
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