GST Reform: दो स्लैब, कम टैक्स, और बिजनेस को बढ़ावा...वित्त मंत्रालय ने नए GST ढांचे का प्रस्ताव रखा

GST Reform: दो स्लैब, कम टैक्स, और बिजनेस को बढ़ावा...वित्त मंत्रालय ने नए GST ढांचे का प्रस्ताव रखा

Ministry of finance propose 2 slab GST rate: वित्त मंत्रालय ने एक नए जीएसटी ढांचे का प्रस्ताव रखा है, जिसमें मौजूदा चार स्लैब (5%, 12%, 18%, 28%) को घटाकर दो स्लैब - स्टैंडर्ड और मेरिट - करने का सुझाव है। कुछ चुनिंदा वस्तुओं पर विशेष दरें लागू होंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर घोषणा की कि ये सुधार दीवाली तक लागू होंगे, जिससे टैक्स का बोझ कम होगा और छोटे उद्योगों को लाभ मिलेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद सितंबर में इस प्रस्ताव पर चर्चा करेगी। मंत्रालय का कहना है कि कंपनसेशन सेस खत्म होने से टैक्स दरों को सरल और स्थिर करना आसान होगा, जिससे आम लोगों की जरूरी और महत्वाकांक्षी वस्तुओं पर टैक्स कम होगा।

बिजनेस और एमएसएमई को मिलेगी रफ्तार

नया जीएसटी ढांचा इन्वर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर को सुधारेगा, टैक्स वर्गीकरण के विवाद कम करेगा, और दरों में स्थिरता लाकर बिजनेस प्लानिंग को आसान बनाएगा। एमएसएमई और स्टार्टअप्स के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और प्री-फिल्ड रिटर्न की सुविधा समय और लागत बचाएगी। निर्यातकों को ऑटोमेटेड रिफंड प्रक्रिया से तेजी से लाभ मिलेगा। ये कदम छोटे और मझोले उद्यमों को सशक्त करेंगे, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ेगी। वित्त मंत्रालय का मानना है कि ये सुधार कारोबारी माहौल को और अनुकूल बनाएंगे, जिससे आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी।

अर्थव्यवस्था को बूस्ट, रेवेन्यू में उछाल

वित्त वर्ष 2024-25में जीएसटी संग्रह 9.4%की वृद्धि के साथ 22.08लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा। सरकार का दावा है कि जीएसटी सुधारों से खपत बढ़ेगी, आर्थिक गतिविधियां गति पकड़ेंगी, और अर्थव्यवस्था का औपचारिकरण तेज होगा। इससे न केवल राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि देश की आर्थिक वृद्धि को भी मजबूती मिलेगी। ये सुधार छोटे उद्योगों और आम उपभोक्ताओं के लिए राहत का सबब बनेंगे, जिससे भारत की आर्थिक प्रगति को नई दिशा मिलेगी।

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