
Budget 2025, Income Tax Exemption: भारत सरकार आगामी बजट में सालाना 15लाख रुपये तक कमाने वाले लोगों के लिए इनकम टैक्स की दरों में कटौती पर विचार कर रही है। यह कदम मिडिल क्लास को राहत देने और आर्थिक मंदी के बीच उपभोग को बढ़ावा देने के लिए उठाया जा सकता है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रस्ताव से लाखों टैक्सपेयर्स को लाभ होगा। खासकर शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को, जो बढ़ती महंगाई और उच्च जीवनशैली की लागत से परेशान हैं।
बता दें कि,यह प्रस्ताव 2020में लागू हुई नई टैक्स व्यवस्था के तहत आएगा। इस व्यवस्था में 3लाख से 15लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर 5%से 20%तक टैक्स दरें हैं। 15लाख रुपये से अधिक आय पर 30%टैक्स लगता है। हालांकि, इस व्यवस्था में आवास किराया और बीमा जैसी छूट नहीं मिलती। सरकार का उद्देश्य मिडिल क्लास को राहत देना और व्यक्तिगत उपभोग को बढ़ावा देना है।
बजट में लिया जाएगा निर्णय
रिपोर्ट के मुताबिक, टैक्स कटौती के आकार को अभी तय नहीं किया गया है। इसका अंतिम निर्णय 1फरवरी 2025को बजट पेश होने के समय लिया जाएगा। फिलहाल टैक्सपेयर्स के पास दो विकल्प हैं — पुरानी व्यवस्था, जिसमें छूट मिलती है, और नई व्यवस्था, जिसमें कम दरें हैं लेकिन छूट का प्रावधान नहीं है। सरकार को उम्मीद है कि नई दरों से ज्यादा लोग नई व्यवस्था अपनाएंगे।
मिडिल क्लास के लिए राहत
भारत का मौजूदा इनकम टैक्स संग्रह मुख्य रूप से 10लाख रुपये या उससे अधिक आय वाले लोगों से आता है, जो 30%टैक्स देते हैं। मिडिल क्लास में उच्च टैक्स दरों को लेकर असंतोष है, क्योंकि वेतन वृद्धि महंगाई की गति से मेल नहीं खाती।यह प्रस्तावित टैक्स राहत मिडिल क्लास के लिए फायदेमंद होगी और उपभोग बढ़ाकर अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगी।गौर हो कि खबर फास्ट टैक्स छूट को लेकर को किसी दावे की पुष्टि नहीं करता है।
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