Search KhabarFast

Press ESC to close

BRICS Summit 2026: दिल्ली बनी हाई-सिक्योरिटी जोन, एंटी ड्रोन सिस्टम एक्टिवेट होने के साथ 30 हजार जवानों की तैनाती

BRICS Summit 2026: दिल्ली बनी हाई-सिक्योरिटी जोन,  एंटी ड्रोन सिस्टम एक्टिवेट होने के साथ 30 हजार जवानों की तैनाती

BRICS Summit 2026: 18वें BRICS Summit के लिए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। दुनिया के बड़े नेताओं और वरिष्ठ प्रतिनिधियों के राजधानी पहुंचने के साथ ही दिल्ली को कई स्तरों वाली सुरक्षा व्यवस्था में तब्दील कर दिया गया है। भारत मंडपम में होने वाले शिखर सम्मेलन की सुरक्षा को 2023 के G20 Summit जैसी बड़ी चुनौती मानते हुए एयरपोर्ट, होटल, सड़क, आयोजन स्थल, हवाई क्षेत्र और दिल्ली-NCR की सीमाओं तक सुरक्षा बढ़ाई गई है।
 
30 हजार जवान की तैनाती
 
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था में करीब 25 हजार जवान तैनात किए गए हैं, जबकि दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों को मिलाकर यह संख्या करीब 30 हजार तक पहुंच सकती है। इनमें 100 से ज्यादा NSG कमांडो भी शामिल हैं। दिल्ली को अलग-अलग सुरक्षा सेक्टरों में बांटा गया है और हर सेक्टर की जिम्मेदारी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी गई है, ताकि VVIP मूवमेंट के दौरान तेजी से समन्वय किया जा सके।
एयरपोर्ट से ही शुरू होगी सुरक्षा विदेशी नेताओं की सुरक्षा एयरपोर्ट से ही शुरू हो जाएगी। विशेष और चार्टर फ्लाइट्स के आने को देखते हुए IGI Airport पर सुरक्षा और समन्वय बढ़ाया गया है। एयरपोर्ट से होटल और फिर होटल से भारत मंडपम तक VVIP रूट को बेहद संवेदनशील माना गया है। जरूरत के मुताबिक इन रास्तों पर कुछ समय के लिए ट्रैफिक रोका या डायवर्ट किया जा सकता है।
 
होटल भी हाई-सिक्योरिटी जोन में बदला
 
दिल्ली के कई बड़े होटल भी हाई-सिक्योरिटी जोन में बदल गए हैं। चाणक्यपुरी और मध्य-दक्षिण दिल्ली के प्रमुख होटलों में विदेशी नेताओं और प्रतिनिधिमंडलों के ठहरने की व्यवस्था है। होटल कर्मचारियों का सत्यापन किया जा रहा है और सुरक्षा बढ़ाई गई है। कुछ जगहों पर पूरे फ्लोर भी विशेष प्रतिनिधिमंडलों के लिए आरक्षित किए गए हैं।
 
एयरस्पेस पर भी पाबंदियां लागू
 
सुरक्षा सिर्फ जमीन तक सीमित नहीं है। एंटी-ड्रोन सिस्टम और हवाई निगरानी के साथ दिल्ली के आसपास एयरस्पेस पर भी पाबंदियां लागू की गई हैं। वहीं, 35 से ज्यादा सड़कों पर नियंत्रित आवाजाही और 22 डायवर्जन प्वाइंट बनाए गए हैं। धौला कुआं, महिपालपुर, सरदार पटेल मार्ग, अकबर रोड, जनपथ, शांति पथ और मथुरा रोड समेत कई इलाकों में VVIP मूवमेंट के दौरान ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है। दिल्ली पुलिस ने गाजियाबाद और नोएडा पुलिस के साथ भी समन्वय बढ़ाया है, ताकि दिल्ली-NCR की सीमाओं पर निगरानी और सुरक्षा मजबूत रखी जा सके।
 

Also read: दिल्ली में SDRF का होगा गठन, करीब 1,100 जवान संभालेंगे राहत और बचाव की कमान, CM रेखा गुप्ता ने लिया बड़ा फैसला

Leave Your Comments



संबंधित समाचार

दिल्ली में SDRF का होगा गठन, करीब 1,100 जवान संभालेंगे राहत और बचाव की कमान, CM रेखा गुप्ता ने लिया बड़ा फैसला

Delhi News: दिल्ली के सीएम मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने प्राकृतिक और आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा निर्णय लिया है। दिल्ली सरकार अब अपनी राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) का गठन करेगी। इससे आपदा की स्थिति में प्रशिक्षित और विशेषज्ञ बल को घटनास्थल पर शीघ्र पहुंचाने, राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा जान-माल के नुकसान को कम करने में सहायता मिलेगी। एसडीआरएफ के गठन के साथ ही दिल्ली सरकार अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों और सिविल डिफेंस वॉलंटियरों को भी विशेष प्रशिक्षण दिलाएगी ताकि आपदा की स्थिति में उपलब्ध स्थानीय मानव संसाधन आवश्यक कौशल और बेहतर समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्यों में योगदान दे सकें।

राज्य कार्यक्रमों में वंदे मातरम के सिर्फ दो पद ही गाए जाएंगे, कर्नाटक सरकार ने जारी किया आदेश

Karnataka Govt on Vande Mataram: कर्नाटक सरकार ने एक आदेश जारी कर राज्य सरकार के सभी कार्यक्रमों में वंदे मातरम के पहले दो श्लोकों का गायन अनिवार्य कर दिया है। हालांकि, आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल की उपस्थिति में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में राष्ट्रगान के सभी छह श्लोक गाए जाएंगे।

लाइव अपडेट

बड़ी खबरें

Khabar Fast