Bihar: जन सुराज के रथ पर सवार हुए आरसीपी सिंह, कभी नीतीश कुमार के माने जाते थे उत्तराधिकारी

Bihar: जन सुराज के रथ पर सवार हुए आरसीपी सिंह, कभी नीतीश कुमार के माने जाते थे उत्तराधिकारी

RCP Singh With Prashant Kishore: कभी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सबसे करीबी और जदयू के उत्तराधिकारी माने जाने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने रविवार को जन सुराज का दामन थाम लिया। RCPसिंह को जन सुराज पार्टी में खुद प्रशांत किशोर ने शामिल करवाया। इसके साथ ही उन्होंने अपनी पार्टी'आप सबकी आवाज', जो महज 7 महीने पहले बनाई थी, उसका विलय भी जन सुराज में कर लिया है। चुनावी साल में RCPसिंह का प्रशांत किशोर के साथ आ जाना जन सुराज के लिए सकारात्मक प्रतीत हो रही है। गौरतलब है कि इसी साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होना है। प्रशांत किशोर पिछले 2-3 सालों से लगातार जमीन पर मदद कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक हुए उपचुनावों में जन सुराज को कोई खास सफलता नहीं मिली है।

जदयू के कार्यकर्ताओं से की अपील

पूर्व केंद्रीय मंत्री RCPसिंह ने जन सुराज में शामिल होने के बाद कहा, “मैंने अपनी पार्टी "आशा (आप सब की आवाज)" का विलय जन सुराज में कर दिया। मैंने जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर का आभार जताता हूं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि अपनी पार्टी का विलय जनसुराज में करूंगा, लेकिन ऊपरवाले को यही मंजूर था। जनता दल यूनाईटेड के नेताओं से अपील है कि जो लोग नीतीश कुमार की असली सोच से जुड़े थे, वह अब हमारे साथ आ जाएं। क्यों अब जदयू में राजनीति और जनसेवा जैसी कोई चीज नहीं बची।“

वहीं, पार्टी में आरसीपी सिंह को शामिल करने पर प्रशांत किशोर ने कहा, "आरसीपी सिंह मेरे बड़े भाई जैसे हैं और बिहार के समाज और राजनीति को समझने वाले सबसे अच्छे व्यक्तियों में से एक हैं।"

कौन हैं RCP सिंह?

RCP सिंह की करियर की शुरुवात भारतीय प्रशासनिक सेवा के एक अधिकारी के रूप में हुई। इसी दौरान उनकी मुलाकात नीतीश कुमार से हुई। वो लंबे समय तक नीतीश कुमार के प्रधान सचिव भी रहे। यही कराण रहा कि वो राजनीति में आए। वो नीतीश कुमार के सबसे करीबी माने जाते रहे। एक समय यह माना जाने लगा था कि आरसीपी सिंह ही नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी हैं। मोदी सरकार में वो केंद्रीय मंत्री भी रहे। लेकिन बाद में नीतीश कुमार से मतभेद के बाद उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। जब भाजपा से दरकिनार हुए तो अपनी पार्टी बना ली। अब वो जन सुराज का हिस्सा बन गए हैं।

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