
Chandan Mishra Murder Case: पटना के पारस अस्पताल में गैंगस्टर चंदन मिश्रा की सनसनीखेज हत्या के मामले में पटना पुलिस और बिहार STF ने बड़ी सफलता हासिल की है। सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में चलाए गए एक संयुक्त अभियान में शेरू सिंह गिरोह से जुड़े शूटरों को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, और गिरफ्तार आरोपियों की संख्या भी स्पष्ट नहीं है। जांच के दौरान पुलिस ने पुरुलिया जेल में बंद कुख्यात अपराधी शेरू सिंह के नेटवर्क पर नजर रखी और पश्चिम बंगाल में छापेमारी कर इन शूटरों को दबोचा। इस कार्रवाई ने बिहार में बढ़ते गैंगवार और अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
अस्पताल में खूनी वारदात
17 जुलाई 2025 को पटना के पारस अस्पताल में पांच हथियारबंद शूटरों ने चंदन मिश्रा पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बक्सर का यह कुख्यात अपराधी मेडिकल पैरोल पर था और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती था। हमलावर दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर फरार हो गए, जिसके बाद पूरे शहर में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तुरंत छापेमारी शुरू की और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर शूटरों की पहचान की। ADG (मुख्यालय) कुंदन कृष्णन ने बताया कि इस हत्या के पीछे शेरू सिंह का हाथ है, जो पुरुलिया जेल से साजिश रच रहा था। चंदन और शेरू के बीच 2011 के राजेंद्र केशरी हत्याकांड के बाद से दुश्मनी थी, जिसने इस खूनी वारदात को जन्म दिया।
शेरू सिंह का आपराधिक इतिहास
ADG कुंदन कृष्णन के अनुसार, शेरू सिंह और चंदन मिश्रा का गिरोह 2011 में बक्सर में आतंक का पर्याय था। दोनों ने मिलकर कई अपराध किए, लेकिन 2017 में राजेंद्र केशरी हत्याकांड में सजा के बाद उनके रास्ते अलग हो गए। शेरू सिंह, जो एक बार जेल से भाग चुका है, आरा में तनिष्क ज्वेलरी लूट जैसे मामलों में भी शामिल रहा। पुलिस ने बताया कि हत्या में शामिल पांच शूटरों में से एक की पहचान हो चुकी है, और हथियार व गाड़ी मुहैया कराने वालों की तलाश जारी है। उनकी संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू होगी। यह मामला बिहार में गैंगवार और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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