
Chandan Mishra Murder Case: बिहार के पटना के पारस अस्पताल में 17जुलाई को गैंगस्टर चंदन मिश्रा की हत्या ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इस मामले में बिहार और पश्चिम बंगाल पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कोलकाता से गिरफ्तार चार प्रमुख आरोपियों को 19जुलाई को अलीपुर कोर्ट में पेश किया गया। इनमें मुख्य शूटर तौसीफ उर्फ बादशाह और उसके कथित सहयोगी निशु खान उर्फ भाईजान शामिल हैं। गिरफ्तारी के बाद निशु खान ने कोर्ट में चौंकाने वाला बयान दिया है। उसने कहा 'मुझे कुछ नहीं पता, मैं इस साजिश का हिस्सा नहीं हूं।' लेकिन पुलिस का दावा है कि हत्या की साजिश निशु के घर पर ही रची गई थी।
कोर्ट में निशु खान का बयान
19जुलाई को बिहार पुलिस और पश्चिम बंगाल STF की संयुक्त कार्रवाई में कोलकाता के आनंदपुर और न्यू टाउन इलाकों से गिरफ्तार चार आरोपियों तौसीफ उर्फ बादशाह, निशु खान, और दो अन्य को अलीपुर सिविल कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान कोर्ट में कहा 'मैं कुछ नहीं जानता। मुझे कोई पैसा नहीं मिला। मैं इस साजिश का हिस्सा नहीं हूं।' बता दें, निशु खान का यह बयान पुलिस के दावों के उलट है। पुलिस का कहना है कि हत्या की साजिश निशु के पटना स्थित समनपुरा के घर पर रची गई थी। निशु को तौसीफ का ममेरा भाई बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, उसने शूटरों को ठिकाना और लॉजिस्टिक सपोर्ट प्रदान किया।
बता दें, निशु खान समनपुरा का रहने वाला है और इस साजिश में अहम कड़ी माना जा रहा है। पुलिस का दावा है कि निशु ने अपने घर पर शूटरों—तौसीफ, मोनू सिंह, बलवंत सिंह, अभिषेक, और नीलेश को ठहराया और अस्पताल की रेकी में उनकी मदद की। हालांकि, निशु ने इन आरोपों से इनकार किया है, जिससे मामले में नया मोड़ आ गया है।
शेरू सिंह था साजिश का मास्टरमाइंड
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड पश्चिम बंगाल की पुरुलिया जेल में बंद गैंगस्टर ओमकार नाथ सिंह उर्फ शेरू है। शेरू और चंदन मिश्रा कभी अपराध की दुनिया में साझेदार थे। लेकिन एक कथित प्रेम प्रसंग और आपसी रंजिश के बाद उनकी राहें अलग हो गईं। बताया जा रहा है कि शेरू ने चंदन की हत्या के लिए तौसीफको 10लाख रुपये की सुपारी दी थी। जांच में पता चला कि चंदन के एक करीबी ने उसकी हर गतिविधि की जानकारी शेरू को दी, जिसके आधार पर साजिश रची गई।
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