
Bhai Dooj Puja Time: दिवाली के बाद भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है। इस साल भाई दूज का त्योहार 3 नवंबर यानी रविवार को मनाया जा रहा है। इसके साथ ही कार्तिक पंचपर्व का समापन भी हो जाएगा। इस दिन बहन अपने भाई के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती है। राणिक कथाओं के अनुसार, इस दिन पूजा-पाठ करने के बाद दान-पुण्य करने से भाई के जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते है।
लेकिन इस बार भाई दूज की पूजा के लिए सिर्फ कुछ ही घंटों का समय मिलेगा। तो आइए जानते है कि भाई दूज के पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि।
भाई दूज का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि का समापन 3 नवंबर रात्रि 10 बजकर 1 मिनट पर होगा। वहीं भाई दूज की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त इस दिन दोपहर 1 बजकर 5 मिनट से शुरू होगा, जिसका समापन दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर होगा। यानी पूजा के लिए शुभ मुहूर्त लगभग 2 घंटे 10 मिनट तक ही रहेगा।
कैसे मनाया जाता है भाई दूज का त्योहार?
क्यों मनाया जाता है भाई दूज?
पौराणिक कथाओं के अनुसार, बहन यमुना ने इसी दिन अपने भाई यमराज की लंबी आयु के लिए व्रत किया था और उन्हें अन्नकूट का भोजन खिलाया था। कथा के अनुसार यम देवता ने अपनी बहन को इसी दिन दर्शन दिए थे। यम ने प्रसन्न होकर उसे वरदान दिया कि इस दिन अगर भाई-बहन दोनों एक साथ यमुना नदी में स्नान करेगें, तो उन्हें मुक्ति प्राप्त होगी. जिसके बाद इस दिन से भाई दूज के पर्व की शुरुआत हुई।
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