
Aviod All These Activity On Basant Panchami: हिन्दू धर्म में प्रत्येक वर्ष माघ महीने के शक्ल पक्ष को बसंत पंचमी मनाया जाता है। बसंत पंचमी के आने का मतलब है, बसंत ऋतु का आना। बसंत पंचमी के दिन ज्ञान की देवी सरस्वती की पूजा-अराधना के दिन के रुप में मनाया जाता है। बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की विधि विधान के साथ पूजा अर्चान करके उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है।
बसंत पंचमी इस बार 2 फरवरी को मनाया जाएगा। शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 9 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। हिन्दू धार्मिक मान्याताओं के अनुसार बसंत पंचमी के दिन कुछ काम करने की मनाही होती है। आइए जानते हैं बसंत पंचमी के दिन कौन-कौन से कार्य नहीं करना चाहिए।
बसंत पंचमी के दिन क्या काम नहीं करने चाहिए?
बसंप पंचमी के दिन क्रोध और अहंकार नहीं करना चाहिए। क्रोध और अहंकार मनुष्य के सबसे बड़े शत्रु माने गए हैं। बसंत पंचमी के दिन क्रोध और अहंकार से बचना चाहिए।
बसंत पंचमी के दिन झूठ और छल-कपट भी नहीं करना चाहिए। इस दिन झूठ और छल-कपट से दूर रहना चाहिए और किसी का भी अपमान नहीं करना चाहिए.
बसंत पंचमी के दिन मांस और मदिरा का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए।
इस दिन गलत विचार को मन में बिल्कुल नहीं आने दें। इस दिन नकारात्मक और गलत विचारों से दूर रहना चाहिए और मन को सकारात्मक रखना चाहिए।
बसंत पंचमी के दिन क्या करना चाहिए
बसंत पंचमी के दिन सुबह उठकर जल्दी स्नान करना चाहिए। ऐसा करना शूभ माना जाता है। इस दिन पीले रंग का वस्त्र धारण करना चाहिए। पीला रंग ज्ञान और बुद्धि का प्रतिक होता है। बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की प्रतिमा या तस्वीर को साफ करके उन्हें पीले या सफेद फूल, अक्षत, चंदन और धूप-दीप अर्पित करें. इसके बाद पीले रंग की मिठाई का भोग मां सरस्वती को अर्पण करें। ऐसा करने से मां सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही इस दिन संगीत और कला का अभ्यास करना चाहिए।
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