Bangladesh Violence: क्या शेख हसीना जाएंगी वापस बांग्लादेश? दोनों देशों के बीच पुरानी संधि बन सकता है रोड़ा

Sheikh Hasina: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत में शरण ली हुई हैं। गौरतलब है कि बांग्लादेश में हुई हिंसा के बाद शेख हसीना ने बांग्लादेश छोड़ दिया था। अब उनके प्रत्यर्पण का मामला तूल पकड़ चुका है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने इस तरफ अपना कदम बढ़ा दिया है। मोहम्मद यूनुस ने अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय के वकील करीम एए खान से मुलाकात की है।
क्या है भारत-बांग्लादेश की बीच संधि?
अब सवाल है कि क्या भारत शेख हसीना को बांग्लादेश को वापस भेजा जा सकता है? इस बात की आशंका काफी कम है। वहीं, भारत और बांग्लादेश के बीच साल 2013 से प्रत्यर्पण संधि है। प्रत्यर्पण संधि के मुताबिक, दोनों देशों को एक-दूसरे के अपराधी सौंपने पड़ते हैं। बता दें कि साल 2015 में बांग्लादेश ने अनूप चेतिया को भारत को सौंपा था। अनूप चेतिया असम के अलगाववादी संगठन उल्फा का नेता था। वो साल 1997 में ढाका की जेल में बंद था। संधि में कहा गया है कि अगर किसी व्यक्ति ने ऐसा अपराध किया है। जिसमें कम से कम एक साल की सजा दी गई है तो उसे प्रतयर्पण किया जाएगा।
टूट भी सकती है संधि ?
हालांकि दोनों देश चाहे तो संधि खत्म भी कर सकते हैं। संधि का अनुच्छेद 21 (3 ) दोनों देशों को संधि खत्म करने का इजाजत देता है। मुमकिन है कि शेख हसीना के प्रत्यर्पण मामले में भारत यह संधि तोड़ सकता है। बता दें कि शेख हसीना, उनकी बहन शेख रेहाना और 69 अन्य लोगों के खिलाफ एक बुनकर की हत्या समेत कुल 194 मामले दर्ज किए गए हैं। गौरतलब है विगत पांच अगस्त को ढाका के कफरुल क्षेत्र में आरक्षण विरोधी हिंसक प्रदर्शन हुआ था। जिसके बाद 76 वर्षीय हसीना को बांग्लादेश छोड़कर भारत की शरण में आना पड़ा था। जिसके बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन किया था
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