
Amit Shah Statement: बांग्लादेशसरकार ने पहले राष्ट्रगान को लेकर भारत पर आरोप लगाया। जिसके बाद सोमवार को गृह मंत्री अमित शाह के दिए गए बयान पर नाराजगी जताई है। दरअसल, शुक्रवार को अमित शाह झारखंड दौरे पर थे। जहां उन्होंने बांग्लादेशी नागरिकों को लेकर एक बयान दिया था। जिस पर अब पड़ोसी देश ने कहा कि बड़े पदों पर काबिज नेताओं को ऐसी बात करना शोभा नहीं देता।
झारखंड दौरे पर क्या बोले अमित शाह?
शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने झारखंड के साहिबगंज में विधानसभा चुनाव के चलते एक रैली की थी। इसी रैली के दौरान अमित शाह ने कहा, 'एक बार झारखंड सरकार बदल दीजिए। रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को चुन-चुन कर झारखंड के बाहर फेंकने का काम भारतीय जनता पार्टी करेगी।'
उन्होंने आगे कहा, 'यह हमारी सभ्यता को नष्ट कर, हमारी संपत्ति को हड़प रहे है। झारखंड के अंदर कोई घुसपैठियों की जगह नहीं। हमारे झारखंड में जिस तरह से घुसपैठ हो रही है अगर इसी तरह से चला तो 25-30 साल में यह घुसपैठिए यहां बहुमत में आ जाएंगे।
बांग्लादेश ने आपत्ति जताई
अमित शाह के इस बयान पर बांग्लादेश ने नाराजगी जताई है। इस मामले में 23 सितंबर को भारत के डिप्टी हाई कमिश्नर को ढाका में एक पत्र सौंपा गया। इस पत्र में बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने अमित शाह के बयान के खिलाफ विरोध दर्ज किया। साथ ही उन्होंने भारत सरकार से कहा कि नेताओं को इस तरह की आपत्तिजनक और अस्वीकार्य टिप्पणियां करने से परहेज करने की सलाह दी जाए। मंत्रालय ने आगे कहा कि पड़ोसी देश के जिम्मेदार पदों पर काबिज लोग बैठे है। इसलिए ऐसी टिप्पणियां दो मित्र देशों के बीच आपसी सम्मान और मजबूत रिश्तों को कमजोर करती हैं।
पहले भी लगा था भारत पर आरोप
पिछले दिनों बांग्लादेश में राष्ट्रगान बदलने की भी मांग उठी थी। इसको लेकर देश ने भारत पर भी आरोप लगाया था। देश के एक पूर्व सैनिक ने कहा था कि राष्ट्रगान, अमार सोनार बांग्ला हम पर भारत ने साल 1971 में थोपा था। यह राष्ट्रगान देश के औपनिवेशिक अतीत को सामने रखता है। इस के बाद बांग्लादेशी सरकार ने राष्ट्रगान बदलने पर साफ इंकार कर दिया था। धार्मिक मामलों के सलाहकार एएफएम खालिद हुसैन ने कहा था। बांग्लादेश भारत के साथ बेहतर रिश्ते बनाए रखना चाहता है।
Leave a comment