
Autoimmune Arthritis: आजकल की आधुनिक जीवन शैली के खान-पान के कारण सभी उम्र के लोगों को कई खतरनाक बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। आज के आधुनिक दौर में लोगों के पास सब प्रकार की सुख सुविधाएं मौजूद है यही कारण है कि लोगों का पैदल चलना बेहद कम हो गया है। जिसकी वजह से लोगों मेंऑटोइम्यून आर्थराइटिस होने का खतरा बहुत बढ़ गया है।
ऑटोइम्यून आर्थराइटिसतब होता है जब शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बिगड़ जाती है और यह बीमारी पैर के घुटनों पर हमला करती है।जिससे जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न जैसी समस्या उत्पन्न होती हैं।
स्वस्थ आहार: आर्थराइटिस से पीड़ित लोगों के लिए स्वस्थ आहार बहुत महत्वपूर्ण होता है। व्यायाम करने और वजन कम करने के साथ-साथ, अपने आहार में ताजे फल, सब्जियाँ, पूरे अनाज, दूध उत्पाद और स्वस्थ तेल शामिल करें। तंबाकू और शराब का सेवन छोड़ें और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों की मात्रा को कम करें।
व्यायाम: नियमित शारीरिक गतिविधि रोग के प्रबंधन में मदद कर सकती है। इससे आपके जोड़ों को सुचारू रूप से गति मिलती है, स्थिरता बढ़ती है, मांसपेशियों को मजबूती मिलती है और जोड़ों की स्थिति में सुधार हो सकता है। व्यायाम के लिए अपने चिकित्सक की सलाह लें और नमस्ते, संयमित व्यायाम।
नियमित व्यायाम करें: नियमित शारीरिक गतिविधि में शामिल होने से आपके जोड़ों में कठोरता कम हो सकती है और आपकी गति की सीमा में सुधार हो सकता है। प्रत्येक सप्ताह कम से कम 150 मिनट का मध्यम व्यायाम करने का लक्ष्य रखें।
स्वस्थ वजन बनाए रखें: अधिक वजन या मोटापा होने से गठिया होने का खतरा बढ़ जाता है और गठिया का दर्द बढ़ जाता है। वजन कम करने से आपके जोड़ों पर दबाव कम हो सकता है, जिससे बेचैनी कम हो सकती है।
उचित मुद्रा का अभ्यास करें: चाहे आप अपने हाथों या घुटनों में गठिया से जूझ रहे हों, अपने आसन पर ध्यान देने से फर्क पड़ सकता है।
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