
Asaram Case Update: यौन उत्पीड़न मामले में 11 साल से जेल में बंद आसाराम के लिए अच्छी खबर सामने आई है। राजस्थान हाई कोर्ट ने आसाराम को 7 दिनों की पैरोल दी है। आसाराम 11 सितंबर 2013 से जेल में बंद है। यह पहला मौका है जब आसाराम जेल से बाहर आ रहा है। यह पैरोल आसाराम को उपचार के लिए दी गई है। पैरोल मिलते ही वो सीधा इलाज के लिए महाराष्ट्र जाएगा। बता दें, यौन शोषण के मामले में आसाराम को आजीवन कारावास की सजै मिली है। जोधपुर सेंट्रल जेल में वो पिछले 11 सालों से अपनी सजा काट रहा है। इस दौरान उसने कई बार कोर्ट के सामने पैरोल की गुहार लगाई थी।
इलाज के लिए मिली पैरोल
जानकारी के अनुसार,पिछले कुछ दिनों से आसाराम की तबीयत बिगड़ी हुई थी। उसके सीने में लगातार दर्द की शिकायत आने लगी थी। जिसके बाद उसे जोधपुर एम्स में भर्ती करवाया गया था। हालांकि, इलाज के लिए उसने पैरोल मांगी थी। राजस्थान हाई कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी की खंडपीठ ने सुनवाई करके उसको अंतरिम पैरोल दे दी है। बता दें, आसाराम को साल 2018 में आश्रम में एक अनुयायी के साथ यौन शोषण के आरोप में जोधपुर पोस्को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद से वो लगातार जेल में ही बंद है। इस दौरान उसने कई बार पैरोल लेने की कोशिश की लेकिन कोर्ट ने हर बार उसके अनुरोध को नकार दिया।
आसाराम का बेटा भी जेल में है बंद
गौरतलब है कि इससे पहले भी आसाराम ने बीमारी का हवाला देकर पैरोल देने की मांग की थी। इसी साल 20 जून को उसने कोर्ट से 20 दिनों की पैरोल मांगी थी। हालांकि, उस समय पैरोल देने से इंकार कर दिया गया था। इसके अलावा राजस्थान हाई कोर्ट में उसने अपनी सजा निलंबित करवाने को लेकर याचिका दायर की थी लेकिन कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया था। बता दें, आसाराम का बेटा नारायण साईं भी रेप के मामले में आजीवन सजा काट रहा है। सूरत की महिला ने नारायण साईं पर 2002 सा 2005 तक लगातार बलात्कार करने का आरोप लगाया था। इस आरोप के बाद जब गिरफ्तारी की तलवार लटकी तो वो लापता हो गया था। फिर 4 दिसंबर 2013 को दिल्ली हरियाणा सीमा पर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और गुजरात के पुलिस ने संयुक्त अभियान के तहत गिरफ्तार किया था। 26 अप्रैल 2019 को नारायण साईं को सूरत की अदालत ने अप्राकृतिक यौन संबंध, हमला, आपराधिक धमकी और साजिश रचने का दोषी ठहराया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
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