Amit Shah Lashesh Out On Congress:मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के विरोध के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी पर निशाना साधा है। अमित शाह ने कांग्रेस की चुनावी हार का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी को चुनावी नतीजों पर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने गुजरात, असम, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा के चुनावी आंकड़ों का हवाला देते हुए सवाल किया कि अगर कांग्रेस अपनी हार के लिए SIR को जिम्मेदार ठहरा रही है, तो पहले के चुनावों में मिली पराजय का कारण क्या था? शाह ने आरोप लगाया कि विपक्ष चुनावी हार के बाद चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है।
अमित शाह ने गांधीनगर नगर निकाय चुनाव का जिक्र करते हुए दावा किया कि भाजपा के वोट प्रतिशत में 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि गुजरात में कांग्रेस लंबे समय से चुनावी जीत हासिल नहीं कर पाई है और पार्टी को इस स्थिति पर विचार करना चाहिए। शाह ने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या कांग्रेस की लगातार चुनावी हार SIR की वजह से हुई है? उन्होंने कहा कि चुनावी नतीजों का विश्लेषण करने के बजाय प्रक्रिया पर सवाल उठाने से जनता का विश्वास हासिल नहीं किया जा सकता।
असम और बंगाल के चुनावी आंकड़ों का भी किया जिक्र
गृह मंत्री अमित शाह ने असम और पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों का हवाला देते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि असम के नौगांव में भाजपा उम्मीदवार ने 1.42 लाख वोटों के अंतर से जीत दर्ज की, जबकि यह सीट पहले कांग्रेस के पास थी। शाह ने पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर का भी जिक्र किया और भाजपा की जीत को कांग्रेस के लिए आत्ममंथन का विषय बताया। उन्होंने त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के लंबे समय से चुनावी प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी को अपनी रणनीति पर विचार करना चाहिए। इन आंकड़ों और दावों को संबंधित चुनावों के आधिकारिक नतीजों से मिलाकर देखना जरूरी है।
'फर्जी कैंपेन से जनता का विश्वास नहीं जीत सकते राहुल गांधी'
अमित शाह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनावी हार के बाद SIR को जिम्मेदार ठहराने से कांग्रेस को राजनीतिक फायदा नहीं मिलेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब SIR की प्रक्रिया 2024 के बाद शुरू हुई, तो उससे पहले की चुनावी हार का कारण क्या था? शाह ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस को 2029 के लोकसभा चुनाव में भी हार का सामना करना पड़ेगा। दूसरी ओर, विपक्षी दल मतदाता सूची पुनरीक्षण और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में SIR को लेकर राजनीतिक बहस के बीच चुनावी पारदर्शिता, मतदाता सूची की शुद्धता और विपक्ष के आरोपों पर आधिकारिक तथ्यों के आधार पर चर्चा महत्वपूर्ण बनी हुई है।
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