
US Presidential Election 2024: अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव 5 नवंबर 2024 को होने वाले है। इसे लेकर देश में सियासी हलचल भी तेज हो चुकी है। राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस और रिपब्लिकन पार्टी के प्रत्याशी डोनाल्ड ट्रंप आमने-सामने है। दोनों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। दोनों में से जो भी जीतेगा, वह 20 जनवरी 2025 से राष्ट्रपति पद संभालेगा।
राष्ट्रपति चुनाव के लिए ये दोनों ही कैंडिडेट अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे है। दोनों ही पार्टी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रही हैं। एक तरफ जहां कमला हैरिस अपनी रैलियों में जीत के दावे के पीछे की वजह बता रही हैं। तो वहीं, दूसरी तरफ ट्रंप अपने पुराने कार्यकाल की उपलब्धियों को दोहराते हुए फिर से जीतने की बात कह रहे है। आइए जानते है, अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की पूरी प्रक्रिया के बारे में।
राष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवार
इस बार अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के लिए रिपब्लिकन पार्टी से पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तो दूसरी तरफ डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से कमला हैरिस उम्मीदवार हैं। दोनों ही उम्मीदवार स्टेट प्राइमरी और कॉकस मतदान प्रक्रिया के तहत राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में चुने गए। इस पद के लिए रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर जैसे कुछ स्वतंत्र उम्मीदवार भी चुनाव लड़ रहे हैं। लेकिन कैनेडी ने अगस्त के अंत में अपना अभियान स्थगित कर ट्रंप का समर्थन कर दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के चरण
चुनावी मैदान में कौन सी पार्टी
अब अगर पार्टियों की बात करें तो डेमोक्रेटिक पार्टी और रिपब्लिकन पार्टी के बीच ही बड़ा मुकाबला है। पिछले चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के जो बाइडन ने जीत हासिल की थी। लेकिन इस बार बाइडन के चुनाव लड़ने से मना कर दिया। जिसके बाद कमला हैरिस को पार्टी का उम्मीदवार बनाया गया।
पार्टियों का चुनाव लड़ने का मकसद क्या है?
कमला हैरिस का चुनाव लड़ने का एजेंडा देश की अर्थव्यवस्था पर है। वहीं ट्रंप राष्ट्रीय सुरक्षा, देश में बढ़ते हिंसक अपराध, इजरायल-हमास युद्ध, इंटरनेशनल लेवल पर अमेरिकी की गिरती साख जैसे मुद्दों को उठा रहे हैं। इन एजेंडों को लेकर दोंनों ही पार्टियां प्रचार कर रही है।
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव प्रक्रिया
अब अगर अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव प्रक्रिया की बात करें तो ये भारत जैसे देशों से एकदम अलग है। भारत में जहां सबसे ज़्यादा वोट मिलने वाले शक्स या पार्टी को विजेता घोषित किया जाता है। वहीं, अमेरिका में 50 राज्यों में होने वाले मुक़ाबलों में जीतने वालें दोनों उम्मीदवार में से ही किसी एक को विजेता घोषित किया जाता है। प्रत्येक राज्य में एक निश्चित संख्या में तथाकथित निर्वाचक मंडल के वोट होते हैं जो आंशिक रूप से जनसंख्या पर आधारित होते हैं। यही अंतिम रूप से राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति को चुनता है।
चुनाव के लिए कौन वोटिंग कर सकता है?
इस चुनाव में 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के अमेरिकी नागरिक वोट डाल सकते है। नॉर्थ डकोटा को छोड़कर बाकी सभी राज्यों में मतदान करने से पहले लोगों को रजिस्ट्रेशन कराना होता है। हर राज्य की अपनी मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया और समय-सीमा होती है। इसके अलावा विदेश में रहने वाले अमेरिकी नागरिक संघीय पोस्ट कार्ड आवेदन (एफसीपीए) पूरा करके मतदान के लिए रजिस्ट्रेशन कराते हैं। और अनुपस्थित डाक मतपत्र का अनुरोध कर सकते हैं।
राष्ट्रपति चुनाव के अलाव और किसका होगा चुनाव?
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की वोटिंग में मतदाता राष्ट्रपति के साथ नए सांसदों को भी चुनते है। अमेरिकी संसद के लिए कांग्रेस शब्द का इस्तेमाल किया जाता है। जहां सभी 435 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। इसके अलावा 34 सीनेट सीटों के लिए भी चुनाव हो रहे हैं।
वोटिंग के बाद रिजल्ट्स और शपथ समारोह
आमतौर पर वोटिंग के परिणाम चुनाव की रात को ही घोषित कर दिए जाते है। यदि राष्ट्रपति बदल जाता है तो चुनाव के बाद की अवधि को संक्रमण काल कहा जाता है। इससे नए प्रशासन को कैबिनेट मंत्रियों की नियुक्ति करने और नए कार्यकाल की योजना बनाने का समय मिल जाता है। राष्ट्रपति को आधिकारिक तौर पर जनवरी में वाशिंगटन डीसी में कैपिटल बिल्डिंग की सीढ़ियों पर आयोजित एक समारोह में शपथ दिलाई जाती है। जिसे उद्घाटन समारोह के रूप में जाना जाता है।
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