
Adanai Group Denies America Allegations: आखिरकार अमेरिका के आरोपों पर अडाणी ग्रुप ने चुप्पी तोड़ दी है। अडाणी ग्रुप ने अमेरिका के आरोप को खारिज करते हुए दो टूक जवाब दे दिया है। बता दें देश के सबसे बड़े वकीलों और पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने अडाणी ग्रुप के पक्ष की तरफ से मोर्चा संभाल लिया है। मुकुल रोहतगी ने कहा कि अमेरिका जांच में जो आरोपपत्र है। उसमें गौतम अडाणी का पर आरोप नहीं लगाए गए हैं।
दूसरी तरफ अडाणी ग्रीन की ओर से ये जानकारी दी गई है कि गौतम अडाणी, सागर अडाणी और विनीत जैन पर रिशवतखोरी के आरोप नहीं लगे हैं। बल्कि अमेरिकी न्याय विभाग के अभियोग में केवल Azure औऱ CDPQ अधिकारियों पर रिश्वखोरी का आरोप लगाया गया है।
क्या बोले मुकुल रोहतगी
अडाणी मामले में मुकुल रोहतगी ने बुधवार यानी 27 नवंबर को कहा कि इस पूरे अभियोग में 5 धाराएं शामिल हैं। जिनमें से धारा 1 और 5 सबसे ज्यादा अहम है। दोनों धाराएं गौतम अडाणी और उनके भतीजे सागर अडाणी पर नहीं लगाए गए हैं। मुकुल रोहतगी ने कहा कि दोनों पर FCPA पर नहीं लगे हैं। जो भारत में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की तरह है। धारा- 5 के तहत जो आरोप लगाए गए हैं,उनमें कुछ विदेशियों के नाम है।
क्या है अमेरिका का आरोप
बता दें, न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट में सुनवाई के दौरान गौतम अडानी की कंपनी पर अमेरिका में निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। साथ ही सोलर एनर्जी कॉन्ट्रेक्ट हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को मोटा रिश्वत देने का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि 2020 से 2024 के बीच अडानी ग्रीन और एज्योर पावर ग्लोबल को ये सोलर प्रोजेक्ट दिलाने के लिए भारतीय अधिकारियों 265 मिलियन डॉलर (करीब 2236 करोड़ रुपये) की रिश्वत दी गई थी।
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