
Zia Ul-Haq Case: प्रतापगढ़ के कुंडा में सीओ जियाउल हक के हत्याकांड मामले में लखनऊ की सीबीआई अदालत ने सजा सुना दी है। सभी 10आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा दी गई है। इसके अलावा सभी दोषियों पर 19हजार 500रुपए का जुर्माना भी कोर्ट ने लगाया है। कोर्ट ने कुल जुर्माने की 50फीसदी रकम को सीओ जियाउल हक की विधवा पत्नी परवीन आजाद को देने का आदेश भी दिया है।
राजा भैया को क्लीन चीट
लखनऊ में सीबीआई की विशेष अदालत ने कुंडा से डीएसपी रहे जिया उल हक की हत्या के मामले में 10आरोपियों को सजा दी है। इस मामले में शुक्रवार को स्पेशल कोर्ट में सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया था। कोर्ट ने इस मामले में जिन्हें दोषी पाया है उनके नाम है फूलचंद यादव, पवन यादव, मंजीत यादव, घनश्याम सरोज, राम लखन, छोटे लाल यादव, राम आश्रय, मुन्ना लाल यादव, शिवराम पासी और जगत पाल है। इस मामले में डीएसपी की पत्नी परवीन ने शिकायत की थी। जिनमें कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया और ग्राम प्रधान गुलशन यादव समेत कई लोगों ने नाम दिए गए थे। हालांकि सीबीआई जांच में राजा भैया और गुलशन यादव को क्लीन चिट मिल चुकी है।
क्या था मामला ?
सीबीआई के अनुसार साल 2013 में कुंडा के डीएसपी जिया उल हक पुलिस पार्टी के साथ बालीपुर इलाके के प्रधान नन्हें यादव के घर गए थे। उस समय क्षेत्र में नन्हे यादव की हत्या होने के कारण हालात काफी खराब हो गए थे। जिसके बाद कानून के कानून- व्यवस्था खराब हो गए थे। आरोप है कि पुलिस पार्टी के गांव में पहुंचने के बाद मृतक नन्हे यादव के परिवार वाले और उनके समर्थक और उग्र हो गए थे। जिसके बाद उन्होंने पुलिस के ऊपर लाठी डंडों और अन्य हथियारों से हमला बोल दिया था। इस दौरान भीड़ ने कुंडा सीओ जिया उल हक की हत्या कर दी थी। कोर्ट अब इस मामले सभी दोषियों को सजा सुना दी है।
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