Ajit Pawar Death News: अजित पवार जिसने विरासत नहीं, अपने फैसलों से बनाई महाराष्ट्र की राजनीति में पकड़

Ajit Pawar Death News: अजित पवार जिसने विरासत नहीं, अपने फैसलों से बनाई महाराष्ट्र की राजनीति में पकड़

Ajit Pawar Death News: सुबह के समय महाराष्ट्र के बारामती में एनसीपी नेता और डिप्टी सीएम अजित पवार का निजी विमान क्रेश हो गया है। इस दौरान विमान में सवार अजित सवार समेत सभी लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि लैंडिंग के दौरान यह हादसा हुआ। चलिए आज हम आपको बतातें है कि कैसे चाचा शरद पवार की छाया से निकलकर महाराष्ट्र की सियासत के बेताज बदमाश बने थे।

22 जुलाई 1959 को अहमदनगर जिले के अजित पवार का जन्म हुआ था। वह शरद पवार के बड़े भाई अनंतराव पवार के बेटे है। महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार एक ऐसे नाम के तौर पर उभरे हैं, जिन्होंने सिर्फ विरासत के सहारे नहीं बल्कि अपने सियासी फैसलों और रणनीतियों से पहचान बनाई। शरद पवार जैसे दिग्गज नेता के भतीजे होने के बावजूद अजित पवार ने लंबे समय तक चाचा की छाया से बाहर निकलने की जद्दोजहद की और आखिरकार अपनी अलग सियासी जमीन तैयार की।

उतार-चढ़ाव से भरा रहा राजनीति सफर

अजित पवार का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। कभी तेज़ फैसलों तो कभी विवादों के चलते सुर्खियों में रहे, लेकिन हर बार उन्होंने साबित किया कि महाराष्ट्र की सत्ता की राजनीति में उनकी भूमिका नजरअंदाज नहीं की जा सकती। संगठन पर पकड़, प्रशासनिक अनुभव और सत्ता संतुलन की समझ ने उन्हें एक मज़बूत रणनीतिकार के रूप में स्थापित किया।

एनसीपी में टूट के बाद लिया गया बड़ा फैसला हो या दो बार उपमुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचना। अजित पवार ने दिखाया कि वे जोखिम लेने से नहीं डरते। यही वजह है कि आज वे महाराष्ट्र की सियासत के उन चेहरों में शुमार हैं, जिनके इर्द-गिर्द सत्ता की गणित घूमती है।

अजित पवार खुद बने राजनीतिक ब्रांड

कभी शरद पवार की राजनीतिक विरासत के उत्तराधिकारी माने जाने वाले अजित पवार अब खुद एक राजनीतिक ब्रांड बन चुके हैं। समर्थक उन्हें निर्णायक नेता मानते हैं, तो विरोधी उन्हें सत्ता की राजनीति का माहिर खिलाड़ी कहते हैं। लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं कि अजित पवार ने चाचा की छाया से निकलकर महाराष्ट्र की राजनीति में अपनी अलग और मजबूत जगह बना ली है।

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