
Aja Ekadashi Katha 2024: आज यानी 29 अगस्त को पूरे देश में अजा एकादशी मनाया जा रहा है, जो भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और मान्यता है कि इस व्रत को करने से मनुष्य को सभी पापों से मुक्ति मिलती है, और यह अश्वमेध यज्ञ के समान फल देता है।
एक बार युधिष्ठिर ने भगवान श्रीकृष्ण से भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी के महत्व के बारे में पूछा। श्रीकृष्ण ने बताया कि यह एकादशी अजा एकादशी कहलाती है और इसका व्रत करने से मनुष्य को पापों से मुक्ति मिलती है।
व्रत विधि:
दिन पहले की तैयारी: एकादशी से एक दिन पहले, यानी 28अगस्त को, सात्विक भोजन करना चाहिए और ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।पूजा का शुभ मुहूर्त: पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6:06से लेकर सुबह 10:53तक है।व्रत कथा का पाठ: अजा एकादशी के दिन इस व्रत कथा का पाठ करना चाहिए। इससे सभी इच्छाएं पूरी होती हैं और अश्वमेध यज्ञ का फल प्राप्त होता है।
महत्व:
इस व्रत को करने से व्यक्ति को आर्थिक संकटों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। धर्म शास्त्रों के अनुसार, अजा एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है और बैकुंठ में स्थान मिलता है।इस व्रत का पालन करने से जातक को सभी पापों से मुक्ति मिलती है और अंत में स्वर्ग की प्राप्ति होती है।
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