
Air Polluction In Delhi: मानसून की विदाई होते ही एक बार फिर दिल्ली की हवा जहरीली हो गई है। कई इलकों में कोहरा छा गया है। स्थिति ये है कि लोगों को घर से निकलने में मुश्किल हो रही है। हालांकि राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्ली सरकार प्रयास कर रही है लेकिन इसका प्रभाव नहीं दिख रहा है। वहीं, दिल्ली में ग्रैप का पहला चरण लागू कर दिया गया है। बता दें कि ग्रैप के तहत पर्यावरण से जुडे़ नियमों को सख्ती से लागू किया जाता है। इसे चार चरणों में लागू किया जाता है।
वहीं, दूसरी तरफ प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली नगर निगम की टीम शहर में पानी का छिड़काव कर रही है। इसके बाद भी लोगों को राहत नहीं मिल रही है। इसी बीच सीबीएफसी यानी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने चेतावनी जारी की है। सीबीएफसी ने कहा है कि अगले तीन दिनों तक वायु प्रदूषण अपने उच्चतम स्तर पर होगा।
दिल्ली के इन इलाकों की हालत खराब
दिल्ली के कई इलाकों में तो दिन में रात का एहसास हो रहा है। क्योंकि प्रदूषण की वजह से धुंध की हल्की परत छा गई है। बता दें कि दिल्ली के आनंद बिहार का एक्यूआई 333, पटपड़गंज का 310, रोहिणी का 334, जहांगीरपुरी का 347, मुंडका का 369, बवाना का 336, द्वारका का 345, बुराड़ी का 303, आईटीओ का 228 और लोधी रोड का एक्यूआई 205 दर्ज किया गया है। आपको बता दें कि वायु गुणवत्ता 0 से 50 एक्यूआई के बीच स्वच्छ माना जाता है। इसके अलावा 51 से 100 के बीच एक्यूआई संतोषजनक माना जाता है। 201 से 300 के बीच एक्यूआई को खराब और 301 से 400 के बीच एक्यूआई को बहुत खराब माना जाता है। वहीं, 401 से 500 के बीच एक्यूआई को गंभीर श्रेणी में रखा गया है।
दिल्ली का पानी भी खराब
दिल्लीवासियों को न सिर्फ हवा बल्कि पानी के लिए भी तरसना पड़ रहा है। बता दें कि दिल्ली की यमुना नदी पूरी तरह से जहरीली हो चुकी है। नदी में सफेद झाग तैर रहा है। इसी बीच त्योहार का सीजन भी आने वाला है। गौरतलब है कि अगले महीने यानी नवंबर में दिवाली और छठ पूजा मनाई जाएगी और दिल्लीवासी भी छठ पूजा मनाने के लिए यमुना नदी में ही जाते हैं।
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