अहमदाबाद विमान क्रैश के बाद टाटा ग्रुप की पहल, पीड़‍ित परिवारों के लिए बनाया 500 करोड़ का ट्रस्ट

अहमदाबाद विमान क्रैश के बाद टाटा ग्रुप की पहल, पीड़‍ित परिवारों के लिए बनाया 500 करोड़ का ट्रस्ट

Ahmedabad Plane Crash: 12जून को एयर इंडिया का बोइंग 787-8ड्रीमलाइनर, फ्लाइट AI171ने अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन के गैटविक के लिए उड़ान भरी। लेकिन प्लेन टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद मेहगनीनगर के बीजे मेडिकल कॉलेज के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में कुल 271लोगों की जान चली गई। इस त्रासदी के जवाब में टाटा ग्रुप, जो एयर इंडिया का मालिक है, ने पीड़ित परिवारों के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। टाटा संस ने 26 जून को एक बोर्ड बैठक में 500करोड़ रुपये के AI171ट्रस्ट की स्थापना को मंजूरी दी। इस ट्रस्ट के जरिए पीड़ितों के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करेगा।

टाटा ग्रुप का दीर्घकालिक सहायता का वादा

टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने बीते दिन गुरुवार को हुई अंतरिम बोर्ड बैठक में इस ट्रस्ट की संरचना की जानकारी दी। AI171ट्रस्ट का उद्देश्य न केवल तात्कालिक वित्तीय सहायता प्रदान करना है, बल्कि पीड़ित परिवारों की दीर्घकालिक जरूरतों जैसे - बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करना भी है। यह ट्रस्ट भारतीय नागरिकों के साथ विदेशी नागरिकों के पीड़ित परिवारों को भी सहायता प्रदान करेगा। इस ट्रस्ट का नेतृत्व चंद्रशेखरन करेंगे, जिसमें गैर-टाटा सदस्य भी शामिल होंगे।

इस पहल की देखरेख टाटा मोटर्स के समूह सीएफओ पीबी बालाजी करेंगे, जिनके पास नियामक, वित्तीय और कॉरपोरेट गवर्नेंस का व्यापक अनुभव है। बता दें, यह ट्रस्ट टाटा ग्रुप की 26/11मुंबई आतंकी हमले के बाद स्थापित ताज पब्लिक सर्विस वेलफेयर ट्रस्ट की तर्ज पर बनाया जा रहा है। जो ताजमहल पैलेस होटल के कर्मचारियों और पीड़ितों के लिए दीर्घकालिक सहायता प्रदान करता है।

मालूम हो कि अहमदाबाद विमान हादसे के तुरंत बाद 12 जून को प्रत्येक मृतक के परिवार को 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की थी। इसके अलावा, 14 जून को टाटा संस ने 25 लाख रुपये का अंतरिम भुगतान शुरू किया, ताकि परिवारों की तात्कालिक वित्तीय जरूरतें पूरी हो सकें। यह राशि मॉन्ट्रियल कन्वेंशन के तहत अनिवार्य मुआवजे (प्रति यात्री लगभग 1.8 करोड़ रुपये) से अलग है। टाटा ग्रुप ने घायलों के चिकित्सा खर्च को भी वहन करने का वादा किया है और बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल के पुनर्निर्माण में योगदान देने का भी वादा किया।

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