सीतापुर से नेपाल-पाकिस्तान भेजे गए 50 एक्टिवेटेड सिम, संदिग्धों का ऑडियो रिकॉर्डिंग बरामद

सीतापुर से नेपाल-पाकिस्तान भेजे गए 50 एक्टिवेटेड सिम, संदिग्धों का ऑडियो रिकॉर्डिंग बरामद

Conspiracy exposed: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में एक सनसनी साइबर अपराध का खुलासा हुआ है, जहां 50 एक्टिवेटेड सिम कार्डों को जाली दस्तावेजों के आधार पर नेपाल और पाकिस्तान भेजा गया। (एटीएस) की सतर्कता से इस साजिश का पर्दाफाश हो गया है, और मुख्य आरोपी संतराम को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके पास से जाली आधार कार्ड, पैन कार्ड, पहचान पत्र, कई फोटो और संदिग्ध ऑडियो रिकॉर्डिंग भी बरामद की हैं, जो साइबर अपराधियों और संभावित राष्ट्रविरोधी गतिवधियों के तरफ संकेत देती हैं।
 
जाली दस्तावेजों और साइबर अपराध का जाल
एटीएस के निरीक्षक अरविंद कुमार पांडेय की शिकायत पर खैराबाद पुलिस ने शनिवार को मुकदमा दर्ज किया। जांच में पता चला कि संतराम, जो धरैंचा गांव का निवासी है, अपनी पहली पत्नी शालू की फोटो और जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सिम कार्ड एक्टिवेट करता था। उसने विभिन्न लोगों के आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्रों में हेरफेर कर यह धंधा चलाता था। संतराम की गतिविधियां केवल सिम कार्ड बेचने तक सीमित नहीं थी, वह साइबर ठगी और संदिग्ध संचार नेटवर्क से भी कही ना कही जुड़ा था।
 
पुलिस सूत्रों के अनुसार, संतराम ने 2022 में धरैंचा में एक मोबाइल दुकान खोली थी, जहां वह सिम कार्ड बेचने के साथ-साथ मोबाइल रिपेयरिंग का काम करता था। इस दौरान उसने साइबर अपराध की दुनिया में कदम रखा और महंगे दामों पर सिम कार्ड बेचकर मोटा मुनाफा कमाया करता था। 
 
जांच में नए खुलासे होने की उम्मीद
एटीएस और पुलिस अब संतराम से पूछताछ कर रही है ताकि इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और इसके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन का पता लगाया जा सके। संदिग्ध ऑडियो रिकॉर्डिंग की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि इन सिम कार्डों का उपयोग किन कार्यो के लिए किया जा रहा था। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से ले रही हैं, क्योंकि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है।

Leave a comment