
हरियाणा की सीमा से सटा राजस्थान का छोटा सा गांव चुरू। जहां पहुंचने के लिए सड़क तक नही है उसी गांव की पगडंडियों से चलकर रियो तक पहुंचे देवेन्द्र ने इतिहास को दोहरा दिया, 2004 में देवेन्द्र ने पैरालंपिक में बनाये गये विश्व रिकॉर्ड को खुद ही तोड़कर नया इतिहास रचा है।
देवेन्द्र ने अब तक पदमश्री और अजुर्न अवार्ड पाकर ना केवल अपने परिवार को गौरवान्वित किया है बल्कि समयसमय पर हुई अन्तर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में भी देश का नाम रोशन किया है।
गोल्ड जीतने के साथ ही पुरे गांव मे जश्न का माहौल है। सभी एक दुसरे को बधाईया देते नजर आये, तो वही परिजनों को बधाई देने वालो का तांता लग गया।

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