AFI के बयान पर जैशा का जवाब, होनी चाहिए मामले की जांच

AFI के बयान पर जैशा का जवाब, होनी चाहिए मामले की जांच

नई दिल्ली : रियो ओलिंपिक के मैराथन रेस के दौरान पानी न मिलने वाली बात को ऐथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) द्वारा नकारने पर ओपी जैशा ने कहा है कि इस मामले में जांच की जानी चाहिए। साथ ही कहा कि उन्हें अपने पूरे करियर के दौरान कभी किसी तरह की कोई शिकायत नहीं की तो अब ऐसा झूठ क्यों बोलेंगी। इससे पहले एएफआई ने बयान जारी कर कहा था कि जैशा और उनके कोच ने ही रेस के बीच में एनर्जी ड्रिंक लेने वाले ऑप्शन के लिए मना कर दिया था।

जैशा के बयान को खारिज करते हुए एएफआई ने कहा कि उनके कोच ने ही किसी भी ड्रिंक को लेने से मना कर दिया था। एएफआई ने कहा है कि हर टीम को बूथ पर अपने ड्रिंक्स रखने की इजाजत दी गई थी, जिसे टीम और ऐथलीट के चॉइस के कलर के साथ मार्क किया जाता है।

एएफआई ने कहा है कि महिला मैराथन की पिछली रात को भारतीय टीम का मैनेजर 16 खाली बोतलों को लेकर उनके कमरे में गया था। इनमें से 8 जैशा के लिए और 8 कविता के लिए थीं। टीम मैनेजर ने उनसे कहा कि वे अपनी पसंद की ड्रिंक बता दें, ताकि उनकी उपस्थिति में उसे सील कर लिया जाए। इसके बाद आयोजकों को बोतलें दे दी जातीं और वे उसे उनके बूथ पर रख देते।

एएफआई का कहना है कि जैशा और कविता दोनों ने ही इस ऑफर को ठुकरा दिया और इंडियन टीम मैनेजर को बताया कि उन्हें पीने के लिए कुछ नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें एनर्जी ड्रिंक की जरूरत पड़ेगी तो वे आयोजकों के बनाए वॉटर बूथ और रिफ्रेशमेंट बूथ से ले लेंगे।

सोमवार को मैराथन धाविका ओपी जैशा ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की लापरवाही के चलते वे रियो में मरते-मरते बची। जैशा ने कहा कि कि उन्हें ओलिंपिक में महिला मैराथन के दौरान पानी और एनर्जी ड्रिंक्स मुहैया नहीं कराए गए। इसी के चलते वे 42.1 किलोमीटर की मैराथन के अंत में बेहोश हो गई थी।

जैशा ने कहा, रियो में काफी गर्मी थी। भारतीय अधिकारियों के लिए अपने एथलीट को पानी और एनर्जी ड्रिंक मुहैया कराने के लिए स्थान प्रदान किए गए थे, लेकिन वहां कोई मौजूद नहीं था। रियो आयोजकों की तरफ से हर 8 किमी में सिर्फ एक बार पानी दिया जा रहा था। हर देश की तरह से प्रत्येक दो किमी के बाद उनका स्टॉल मौजूद था, लेकिन भारत की तरफ से कोई नहीं था। इतनी भयंकर गर्मी में मैं बमुश्किल रेस पूरी कर पाई।

दो घंटे 47 मिनट 19 सेकंड के खराब समय में मैराथन पूरी करने के बाद जैश फिनिश लाइन के बाद गिर पड़ी थी और उन्हें ह‍ॉस्पिटल ले जाना पड़ा। वहां कोच निकोलाई स्नेसारेव की डॉक्टर्स से बहसबाजी हुई और उन्हें स्थानीय पुलिस ने आधे घंटे तक अपनी हिरासत में रखा।

जैशा के अनुसार मैराथन में हर ढाई किलोमीटर के बाद दूसरे देशों के खिलाड़ियों को पानी और एनर्जी ड्रिंक्स देने के लिए उनके देश का स्टाफ तय जगह पर मौजूद था लेकिन पूरी दौड़ के दौरान उन्हें पानी भी नसीब नहीं हुआ था। जैशा मैराथन पूरी करने के बाद करीब दो घंटों तक बेहोश रही और उन्हें 7 बोतल ग्लूकोस चढ़ाए जाने के बाद होश आया था।

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