
एक तरफ जहां सरकार बेटियों को सम्मान देने के साथ साथ खिलाडियों को गोल्ड मैडल लाने पर इनाम देने की बात करती है वही जिले के गांव जुलाना की अर्तराष्टृीय बाक्सिंग चैपियनशीप में देश के लिए सिल्वर मैडल लाने वाली सोनिया लाठर सरकार द्वारा कोई भी सहायता ना दिए जाने से अपने आपको को ठगा सा महसूस कर रही है।
आर्थिक अभाव के चलते एक गरीब परिवार प्रेम सिंह के घर जन्मी सोनिया लाठर ने वर्ष 2008 से राष्टृीय और अर्तराष्टृीय स्तर पर बॉक्सिग चैपियनशीप में कई मैडल जीतकर देश का नाम रोशन किया हैसोनिया लाठर ने वर्ष 2016 में विश्व बॉक्सिग चैपियनशीप में सिल्वर मैडल जीता मगर सोनिया को उस समय निराश और हताश होना पडा जब सरकार ने उसे कोई सम्मान और आर्थिक सहायता नही दिया। सोनिया ने सरकार से मदद की गुहार लगाते हुए मांग की है कि सरकार को हर खिलाडी के साथ समान व्यवहार करना चाहिए।

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