
रियो ओलंपिक खेलों में रूस के खेलने पर सस्पेंस बना हुआ है। इंटरनेशनल ओलंपिक कमिटी (आईओसी) रूस को रियो ओलंपिक खेलने से बैन कर सकता है। खेलों की सबसे ऊंची मध्यस्थता कोर्ट ने रूस की उसके एथलीटों पर रियो ओलंपिक में भाग लेने से लगे बैन के खिलाफ अपील गुरुवार को खारिज कर दी जिससे रूस के 5 अगस्त से शुरू होने वाले रियो ओलंपिक से ही बाहर होने का खतरा और बढ़ गया है।
इंटरनेशनल एथलेटिक्स फेडरेशन (आईएएएफ) ने रूसी एथलीटों को प्रतिबंधित दवाओं के इस्तेमाल और सरकार प्रायोजित डोपिंग की रिपोर्ट्स के बाद ओलंपिक एथलेटिक्स मुकाबलों में हिस्सा लेने से बैन कर दिया था जिसके बाद रूसी ओलंपिक समिति और रूसी एथलेटिक्स फेडरेशन ने इस बैन के खिलाफ खेल पंचाट में अपील की थी लेकिन उसकी यह अपील खारिज हो गई। खेल पंचाट के इस फैसले के बाद इस बात की संभावना प्रबल हो गई है कि आईओसी रूस को न केवल एथलेटिक्स में बल्कि ओलंपिक के अन्य खेलों में भी भाग लेने से बैन कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो खेलों की इस महाशक्ति देश के लिए बेहद शर्मनाक बात होगी और ओलंपिक आंदोलन में भी एक गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। साल 1980 में अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने मास्को ओलंपिक का बहिष्कार किया था जबकि सोवियत संघ ने 1984 के लॉस एंजेलिस ओलंपिक का बहिष्कार किया था।
रूस की मौजूदा स्थिति से ओलंपिक आंदोलन में नया संकट आने की आशंका पैदा हो गई है । खेल पंचाट ने गुरुवार को अपने फैसले के बाद एक बयान में कहा कि कोर्ट बैन के खिलाफ इस अपील को खारिज करती है। रूस के एक आधिकारिक प्रवक्ता दिमित्रे पेस्कोव ने कहा, खेल पंचाट का यह फैसला बहुत निराशाजनक है। यह हमारे लिए पचा पाने वाला फैसला नहीं है। रूस की दो बार की स्वर्ण पदक विजेता स्टार पोल वाल्टर महिला एथलीट येलेना इसिन्बायेवा ने खेल पंचाट के इस फैसले को बेहद निराशाजनक करार देते हुये इसे रूसी एथलीटों की कब्रगाह बताया। गौरतलब है कि सरकार प्रायोजित डोपिंग के आरोपों के चलते रूसी ट्रैक एंड फील्ड एथलीटों पर गत नवंबर को इंटरनेशनल लेवल पर प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने से बैन कर दिया गया था तथा प्रतिबंधित दवाओं के व्यापक इस्तेमाल की रिपोर्ट्स के बाद रूस को ओलंपिक से बैन किए जाने की मांग उठ रही थी। आईएएएफ ने खेल पंचाट के इस फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि वह इस फैसले से संतुष्ट है।
रूस ने कहा कि वह खेलों को स्वच्छ बनाने की दिशा में कार्यरत है लेकिन सभी एथलीटों को खेलों के महाकुंभ में हिस्सा लेने से वंचित किया जाना उचित नहीं है। यह उन एथलीटों के खिलाफ अन्याय होगा जिनका डोपिंग में शामिल होने का कोई पिछला रिकॉर्ड नहीं है। गौरतलब है कि आईओसी के कार्यकारी बोर्ड की स्विट्जरलैंड में इस मुद्दे को लेकर आपात बैठक हुई थी। बोर्ड के सदस्य तत्काल बैन लगाए जाने के फिलहाल कोई फैसला नहीं ले पाए थे और उन्होंने कैस के फैसले तक अपना फैसला टाल दिया था। खेल पंचाट के इस निर्णय के बाद अब आईओसी को इस पर अंतिम फैसला लेना है कि रूस को रियो ओलंपिक में भाग लेने से बैन किया जाना है या नहीं। इस बात की पूरी उम्मीद है कि आईओसी इस पर रविवार तक अंतिम फैसला ले सकती है।
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