एक ऐसा भी स्कूल।

एक ऐसा भी स्कूल।

कोसली के एक स्कूल में एक ही शिक्षक और एक ही विद्यार्थी है। शिक्षक अपनी ड्यूटी पूरी कर रहे हैं और विद्यार्थी अकेला ही किताबों को खंगालता रहता है।

न पीरियड बदलते हैं और न ही अध्यापक। साथ में पढ़ने वाला कोई सहपाठी भी नहीं। जाटूसाना की ढाणी के राजकीय प्राइमरी स्कूल कुछ यूं ही सरकारी शिक्षा प्रणाली को मुंह चिढ़ा रही है।विभाग इस स्कूल में पढ़ने के लिए विद्यार्थियों का दाखिला तक नहीं करा पाया। बता दें कि इस स्कूल में दो सालों से विद्यार्थियों की संख्या कम है। स्कूल में दो साल से बस एक ही विद्यार्थी पढ़ाई कर रहा है स्कूल की पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाला बच्चा दक्ष विद्यालय में ही मिड डे मील बनाने वाली कुक का बेटा है। ये पहला स्कूल नहीं है जहां की स्थिति ऐसी है बल्कि जिले के ही राजकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय लुखी में भी शर्मसार करने वाली स्थिति है। लुखी स्कूल में भी एक छात्रा और एक ही शिक्षक है।

 

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