Yogini Ekadashi 2024: योगिनी एकादशी से जुड़े है ये खास महत्व, श्रीहरि की कृपा से बनेंगे हर काम

Yogini Ekadashi 2024: योगिनी एकादशी से जुड़े है ये खास महत्व, श्रीहरि की कृपा से बनेंगे हर काम

Yogini Ekadashi 2024:  हर महीने एकादशी आती है, लेकिन योगिनी एकादशी का खास महत्व बताया गया है। आषाढ़ महीने की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को योगिनी एकादशी कहा जाता है, जोकि निर्जला एकादशी के बाद और देवशयनी एकादशी से पहले पड़ती है। शास्त्रों के मुताबिक, योगिनी एकादशी का व्रत करने से 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन के बराबर पुण्य प्राप्त होता है। कहते है कि योगिनी एकादशी के दिन कथा जरूर सुननी चाहिए।

बता दे कि सभी एकादशी की तरह योगिनी एकादशी का व्रत और पूजन भी भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। लेकिन इसी के साथ इस दिन तुलसी से जुड़े कुछ उपाय आपके लिए लाभकारी साबित हो सकते है। ऐसे में आज योगिनी एकादशी पर तुलसी से जुड़े इस उपायो को जरूर करें। दरअसल तुलसी भगवान विष्णु को भी अतिप्रित है और तुलसी के बिना विष्णु जी की पूजा नहीं होती है। इसलिए तुलसी को विष्णुप्रिय भी कहा जाता है।  

बन रहे इतने शुभ योग

गौरतलब है कि इस बार योगिनी एकादशी का व्रत दो शुभ योग में पड़ रहा है। योगिनी एकादशी के दिन त्रिपुष्कर योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। त्रिपुष्कर योग का निर्माण सुबह 8:37 बजे से हो रहा है, जो 3 जुलाई को सुबह 4:40 बजे तक रहेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण 2 जुलाई को सुबह 5:27 बजे से हो रहा है, जो 3 जुलाई को सुबह 4:40 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यता है कि सर्वार्थ सिद्धि योग में किया गया कोई भी कार्य सफल होता है।

योगिनी एकादशी पूजन विधि

स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लिया जाता है। इसके बाद कलश स्थापना की जाती है। कलश के ऊपर भगवान विष्णु की प्रतिमा रख कर पूजा की जाती है। भगवान को फल फूल अर्पित करें और श्रद्धा के साथ उनकी आरती पूजन करें। गुड़-चना का भी प्रसाध चढ़ाएं। इस पूजा से भगवान विष्णु आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश करेंगे। वहीं, माता लक्ष्मी आपके धन के भंड़ार को भी भरेंगी।

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