
India-Ghana Relation: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय घाना यात्रा पर है। इस दौरान उन्हें घाना के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'द ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना' से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान घाना के राष्ट्रपति जॉन ड्रामानी महामा द्वारा उनकी 'विशिष्ट राजनेता छवि और प्रभावशाली वैश्विक नेतृत्व' के लिए प्रदान किया गया। यह यात्रा पिछले तीन दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की घाना की पहली द्विपक्षीय यात्रा है। साथ ही, दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने का काम किया।
PM मोदी को किया सम्मानित
अकरा में स्थित घाना के राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास और कार्यालय ज्युबिली हाऊस में एक राजकीय भोज आयोजित किया गया। उस दौरान राष्ट्रपति महामा ने पीएम मोदी को घाना के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'द ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना' से सम्मानित किया अपने स्वीकृति भाषण में, पीएम मोदी ने इसे 140 करोड़ भारतीयों की ओर से स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान भारत के युवाओं की आकांक्षाओं, सांस्कृतिक विविधता और भारत-घाना के ऐतिहासिक संबंधों को समर्पित है।
उन्होंने घाना के लोगों और सरकार का उनके इस विशेष सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया और इसे दोनों देशों के बीच दोस्ती को गहरा करने वाला कदम बताया। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि यह सम्मान उनके लिए एक नई जिम्मेदारी लाता है, जो भारत-घाना संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित करता है।
भारत-घाना के बीच 4 समझौते
बता दें, पीएम मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले गई। अकरा में राष्ट्रपति महामा के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद, भारत और घाना ने अपने संबंधों को 'व्यापक साझेदारी' (Comprehensive Partnership) का दर्जा दिया। इस दौरान दोनों देशों ने चार महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए।
1. सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम (CEP): दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए यह समझौता हुआ, जो कला और परंपराओं के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करेगा।
2. मानकीकरण और प्रमाणन: भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) और घाना मानक प्राधिकरण (GSA) के बीच सहयोग से मानकीकरण, प्रमाणन और अनुरूपता मूल्यांकन में सहयोग बढ़ेगा।
3. पारंपरिक चिकित्सा और आयुर्वेद: भारत के आयुर्वेद शिक्षण और अनुसंधान संस्थान (ITRA) और घाना के पारंपरिक और वैकल्पिक चिकित्सा संस्थान (ITAM) के बीच सहयोग से पारंपरिक चिकित्सा, शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा।
4. संस्थागत संवाद: यह समझौता दोनों देशों के बीच नियमित संस्थागत संवाद को सुनिश्चित करेगा, जिससे द्विपक्षीय सहयोग और गहरा होगा।
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