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संकटों से घिरा PoK...हजारों लोगों का प्रदर्शन, लॉकडाउन का हुआ ऐलान

संकटों से घिरा PoK...हजारों लोगों का प्रदर्शन, लॉकडाउन का हुआ ऐलान

Pakistan Occupied Kashmir Protest: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हिंसा भड़क उठी है। अवामी एक्शन कमेटी (AAC) के नेतृत्व में सोमवार को पूरे इलाके में 'शटर-डाउन और व्हील-जाम' हड़ताल का ऐलान किया गया, जिसके बाद पाकिस्तानी सरकार ने रातोंरात इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद कर दीं। पंजाब से हजारों सैनिकों को बुलाकर प्रदर्शनों को कुचलने की तैयारी की जा रही है। इलाके में अब लॉकडाउन जैसे हालात नजर आ रहे हैं। स्थानीय निवासी महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं।

PoK में हड़ताल का ऐलान

बता दें, अवामी एक्शन कमेटी ने रविवार को घोषणा की कि 29सितंबर को PoK के सभी जिलों में अनिश्चितकालीन लॉकडाउन होगा। कमेटी के चेयरमैन शौकत नवाज मीर ने कहा 'हमारी 38मांगें पूरी न होने तक हम पीछे नहीं हटेंगे।' इनमें मुख्य रूप से सस्ती बिजली और आटा, भ्रष्टाचार पर लगाम, क्षेत्र के संसाधनों पर स्थानीय नियंत्रण और PoK विधानसभा की 12शरणार्थी सीटों को खत्म करना शामिल है। नीलम वैली पब्लिक एक्शन कमेटी ने भी स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे की लापरवाही के खिलाफ प्रदर्शन का समर्थन किया।

इसके अलावा सोशल मीडिया पर तेजी से एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें हजारों लोग मुजफ्फराबाद, कोटली, मीरपुर और नीलम वैली की सड़कों पर नारे लगाते देखे जा सकते हैं। एक अन्य वीडियो में प्रदर्शनकारी पाकिस्तानी झंडे को हटाते और चीनी मजदूरों को भगाते नजर आए, जबकि 'भारत के साथ आजादी' के नारे भी गूंजे। AAC का कहना है कि स्थानीय सरकार से बातचीत विफल होने के बाद यह कदम उठाया गया।

PoK में सेना की तैनाती, इंटरनेट ठप

वहीं, प्रदर्शनों को दबाने के लिए पाकिस्तानी सेना ने पंजाब से 2,000पुलिसकर्मी और 167पैरामिलिट्री प्लाटून तैनात की। कोटली में सैनिकों ने कर्फ्यू तोड़ने पर गोलीबारी की, जिसमें कई नागरिक घायल बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि रविवार रात से ही इंटरनेट और लैंडलाइन सेवाएं ठप हो गईं, जिसे 'डिजिटल मार्शल लॉ' करार दिया जा रहा है। पत्रकारों को क्षेत्र में प्रवेश पर रोक लगा दी गई, जबकि पर्यटकों को PoK न घूमने की चेतावनी जारी की गई।

इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार पर दबाव बढ़ रहा है। सेना प्रमुख आसिम मुनीर पर भी उंगलियां उठ रही हैं, क्योंकि प्रदर्शनकारी सेना के हस्तक्षेप को 'फासीवादी' बता रहे हैं। एक स्थानीय कार्यकर्ता ने कहा 'हम बुनियादी अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं, लेकिन सरकार हमें दबाना चाहती है।'

PoK में क्यों भड़का विद्रोह?

बता दें, PoK में यह बगावत अचानक नहीं फूटी। पाकिस्तान की आर्थिक मंदी ने यहां के निवासियों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। बिजली के बिलों में भारी वृद्धि, आटे की कीमतें आसमान छूना, और स्थानीय संसाधनों (जैसे मंगल डैम) का शोषण लंबे समय से असंतोष का कारण रहा है। 2024 में भी इसी तरह के प्रदर्शनों में चार लोग मारे गए थे। विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान की IMF से 21 अरब डॉलर की कर्ज मांग के बीच PoK के संसाधनों का दोहन बढ़ा है, जिससे स्थानीय बेरोजगारी 40% से ऊपर पहुंच गई।

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