भारत विरोध में बयान या मज़ाक? पाक सेना के DG ISPR की अजीबोगरीब टिपण्णी, बोले - मजा न मिले तो पैसे...

भारत विरोध में बयान या मज़ाक? पाक सेना के DG ISPR की अजीबोगरीब टिपण्णी, बोले - मजा न मिले तो पैसे...

Pak DG ISPR Statement on Anti-India:पाकिस्तान की सेना के प्रवक्ता (DG ISPR) लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत और अफगानिस्तान को लेकर तीखी टिप्पणियां कीं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे एक नया विवाद खड़ा हो गया हैं। जनरल चौधरी ने भारत पर अफगानिस्तान में पाकिस्तान-विरोधी चरमपंथियों को समर्थन और फंडिंग देने का आरोप लगाया। इतना ही नहीं, उन्होंने एक अजीबोगरीब बयान दिया 'मजा न कराया तो पैसे वापस।' इस बयान को कई लोग 'सड़कछाप' भाषा और 'जोकर जैसी' हरकत बता रहे हैं, जो एक सैन्य अधिकारी की गरिमा से मेल नहीं खाती।

PAK सेना के प्रवक्ता का बयान

बता दें, यह प्रेस ब्रीफिंग 06 जनवरी को हुई, जिसमें DG ISPR ने पाकिस्तान में बढ़ते आतंकवाद पर खुलकर बात की। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान में अधिकांश आतंकी घटनाओं के पीछे अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल हो रहा है, और भारत इन चरमपंथियों को वित्तीय व अन्य सहायता दे रहा है। जनरल चौधरी ने कहा कि तालिबान और भारत पाकिस्तान के खिलाफ एकजुट हैं, तथा 'युद्ध अर्थव्यवस्था' आतंकवाद का मुख्य कारक है। उन्होंने अफगानिस्तान पर 147 अरब डॉलर खर्च होने का जिक्र करते हुए कहा कि यह धन आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है।

जनरल चौधरी ने खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवाद बढ़ने को राजनीतिक-उग्रवादी गठजोड़ से जोड़ा और डिजिटल आतंकवाद का भी उल्लेख किया, जिसमें पाकिस्तानी सेना को निशाना बनाया जा रहा है। एक चौंकाने वाला कबूलनामा भी किया कि पाकिस्तानी सेना ने अपने ही नागरिकों को भी निशाना बनाया है, हालांकि यह आतंकवाद विरोधी अभियानों के संदर्भ में था।

एक बार मजा न कराया...

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जनरल चौधरी ने भारत और अन्य दुश्मनों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा 'चाहे दुश्मन दाएं से आए, बाएं से आए, ऊपर से आए, नीचे से आए, अकेला आए या किसी के साथ आए...एक बार मजा न कराया तो पैसे वापस।' यह बयान कथित तौर पर पाकिस्तान की सैन्य ताकत का दावा करते हुए दिया गया, लेकिन लोगों ने इस भाषा को अशोभनीय और गैर-पेशेवर बताया जा रहा है।

यह बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वायरल हो गया, जहां यूजर्स ने इसे 'वेश्यालय जैसी भाषा' से जोड़कर मजाक उड़ाया। एक यूजर ने लिखा 'DG ISPR की भाषा से लगता है पाकिस्तानी सेना ब्रोथेल जैसी है।' एक अन्य ने इसे 'छोटे दिमाग की ऊर्जा' और 'शर्मनाक' बताया। भारतीय यूजर्स ने इसे पाकिस्तान की कमजोरी का सबूत माना, जबकि पाकिस्तानी पक्ष ने इसे मजबूत चेतावनी के रूप में पेश किया।  

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