भूकंप के तांडव से लोगों की उड़ी नींद, 15 दिनों में 1,000 से ज्यादा झटके; जापान में मंगा भविष्यवाणी का डर

भूकंप के तांडव से लोगों की उड़ी नींद, 15 दिनों में 1,000 से ज्यादा झटके; जापान में मंगा भविष्यवाणी का डर

Japan Earthquake: जापान दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देशों में से एक है। पिछले 15 दिनों में जापान 1,000 से अधिक भूकंप के झटकों से दहल चुका है। खासकर दक्षिण-पश्चिमी कागोशिमा प्रांत के टोकारा द्वीप समूह में यह भूकंपीय हलचल सबसे ज्यादा देखी गई। जहां 21 जून 2025 से अब तक 1,031 भूकंप दर्ज किए गए हैं। इनमें से कई झटके 3 से 5 की तीव्रता वाले थे, और कुछ इतने शक्तिशाली थे कि दीवारों में दरारें पड़ गईं।

इस बीच, मंगा कलाकार रियो तात्सुकी की 1999 में प्रकाशित किताब 'द फ्यूचर आई सॉ' ने लोगों को डरा दिया है। इस किताब में भविष्यवाणी की गई है कि 05 जुलाई को एक विनाशकारी भूकंप और सुनामी आने वाली है। यह भविष्यवाणी, हाल के भूकंपों और ज्वालामुखी गतिविधियों के साथ, जापान में डर का माहौल पैदा कर रही है।

जापान में भूकंप का कहर

बता दें, टोकारा द्वीप समूह, विशेष रूप से अकुसेकी द्वीप, इस भूकंपीय उथल-पुथल का केंद्र रहा है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) की मानें तो 21 जून से शुरू हुए ये भूकंप अभी तक जारी है। डराने वाली बात ये है कि 23 जून को एक ही दिन में 183 भूकंप दर्ज किए गए। वहीं, आज 05 जुलाई को भी 5.4 तीव्रता का एक भूकंप आया। जिसका केंद्र टोक्यो से 1,200 किलोमीटर दूर कागोशिमा प्रांत में था।

भूकंप का डर लोगों के मन में ऐसा बैठ गया है कि अब उन्हें सही से नींद नहीं आ रही, जो रातों को सो नहीं पा रहे। आज इन लोगों को सोने में डर लग रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है 'हमें सोने में भी डर लगता है। ऐसा लगता है जैसे धरती हर वक्त हिल रही है।' जानकारी के अनुसार, टोकारा के 12 द्वीपों में से 7 पर लगभग 700 लोग रहते हैं। इस छोटे से समुदाय में भूकंपों की यह श्रृंखला ने सामान्य जीवन को ठप कर दिया है।

रियो तात्सुकी की भविष्यवाणी

इसी बीच, जापानी मंगा कलाकार रियो तात्सुकी को 'जापानी बाबा वेंगा" के नाम से जाना जाता है। उनकी एक किताब 'द फ्यूचर आई सॉ' चर्चा का विषय बनी हुई है। जो 1999 में प्रकाशित हुई थी। दरअसल, उनकी किताब में 05 जुलाई को जापान और फिलीपींस के बीच समुद्र तल में एक विशाल दरार पड़ने की भविष्यवाणी की थी। इस दरार से एक भयावह भूकंप और सुनामी उत्पन्न होगी। जो 2011 के तोहोकू भूकंप (जिसमें 20,000 लोग मारे गए थे) से तीन गुना ज्यादा विनाशकारी होगी।

इससे पहले भी उन्होंने कई बड़ी भविष्यवाणियां की थी। जिसमें 1995 का कोबे भूकंप, 2011 का तोहोकू भूकंप, और साल 2019 में कोविड-19 महामारी शामिल है। बाबा वेंगा की इन सारी भविष्यवाणियां सच साबित हुई। जिसके कारण लोग उनकी अब भी इस भविष्यवाणी को गंभीरता से ले रहे हैं।

Leave a comment