नहीं थम रहा बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार का सिलसिला, एक और हिंदू को उतारा मौत के घाट; 24 घंटे में दूसरी हत्या

नहीं थम रहा बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार का सिलसिला, एक और हिंदू को उतारा मौत के घाट; 24 घंटे में दूसरी हत्या

Bangladesh Hindu Community Violence: बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदायों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। सोमवार को देर रात एक हिंदू दुकानदार मोनी चक्रवर्ती की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जो पिछले 24घंटों में इस तरह की दूसरी घटना है। इससे पहले राणा प्रताप बैरागी नाम के युवक को जान से मार डाला। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि दिसंबर 2025से अब तक कम से कम छह हिंदू पुरुषों की हत्या हो चुकी है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, 5जनवरी को रात करीब 10बजे नरसिंग्दी जिले के पोलाश उपजिला के चोर्सिंदूर बाजार में किराना दुकान चलाने वाले हिंदू व्यापारी मोनी चक्रवर्ती पर अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल मोनी को अस्पताल ले जाते समय ही मौत हो गई। तो वहीं, परिवार का कहना है कि मोनी का किसी से कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं था। वे शांत स्वभाव का था उनकी पत्नी अंतरा मुखर्जी हाउसवाइफ हैं और उनका 12वर्षीय बेटा अभिक चक्रवर्ती है।

यह हत्या उसी दिन हुई जब जेसोर जिले के मोनिरामपुर उपजिला में हिंदू व्यवसायी और स्थानीय अखबार के कार्यकारी संपादक राणा प्रताप बैरागी (38वर्ष) को अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। बैरागी को सिर में तीन गोलियां मारी गईं और गला रेत दिया गया। बता दें, पिछले 24घंटों में हिंदू समुदाय पर दूसरी घातक हमला है, और पिछले 18दिनों में छठी हत्या है।

बांग्लादेश में बढ़ती हिंसा

इससे पहले 50 वर्षीय एक फार्मेसी मालिक खोकोन चंद्र दास को बेरहमी से पीटा और पीटा, लेकिन समय रहते स्थानीय लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। तो वहीं, दीपू चंद्र दास, एक गारमेंट फैक्ट्री वर्कर, जिन्हें कथित तौर पर ब्लास्फेमी के आरोप में लिंच किया गया। इसके अलावा हाल ही में हिंदू विधवा के गैंगरेप का मामला सामने आया है। कट्टरपंथियों ने महिला के रिश्तेदारों को कमरे में बंद कर दिया और महिला के साथ दुष्कर्म किया और बाद में उसे पेड़ से बांधकर खूब पीटा और उसके बाल काट डाले। 

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