
Bangladesh Rape Case: बांग्लादेश के कुमिल्ला जिले के मुरादनगर उपजिला में एक 21वर्षीय हिंदू महिला के साथ हुए दुष्कर्म और उसका वीडियो वायरल होने की घटना ने देशभर में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। 27जून को हुई इस जघन्य घटना के बाद ढाका यूनिवर्सिटी सहित देश के विभिन्न हिस्सों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। बता दें, बांग्लादेश पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी फज्र अली सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, और हाई कोर्ट ने वायरल वीडियो को 24घंटे के अंदर सोशल मीडिया से हटाने का आदेश दिया है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 27जून को कुमिल्ला जिले के मुरादनगर उपजिला के रामचंद्रपुर पंचकिट्टा गांव में एक 21वर्षीय हिंदू महिला के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया है। इतना ही नहीं, आरोपी ने इस वारदात को एक वीडियो रिकॉर्ड कर उसे वायरल कर दिया। जानकारी के अनुसार, पीड़िता अपने मायके आई थी जब मुख्य आरोपी फज्र अली ने चाकू की नोक पर उसके घर में घुसकर दुष्कर्म किया। आरोपी ने इस घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इस घटना के बाद पीड़िता ने 27जून को ही मुरादनगर पुलिस स्टेशन में महिला और बाल उत्पीड़न निवारण अधिनियम के तहत लिखित शिकायत दर्ज की, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
इसके बाद पुलिस ने रविवार 29जून को सुबह 5बजे ढाका के सायदा बाद क्षेत्र से मुख्य आरोपी फज्र अली को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही चार अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया। जिन्होंने वीडियो रिकॉर्ड करने और उसे वायरल करने में मदद की। वहीं, इस मामले में बांग्लादेश हाई कोर्ट ने 29जून को एक रिट याचिका की सुनवाई के बाद बांग्लादेश दूरसंचार नियामक आयोग (BTRC) को वीडियो को 24घंटे के अंदर सोशल मीडिया से हटाने का निर्देश दिया। कोर्ट ने पीड़िता को सुरक्षा और चिकित्सा सहायता प्रदान करने का भी आदेश दिया।
ढाका यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन
इस घटना ने देशभर में आक्रोश पैदा किया और ढाका यूनिवर्सिटी के छात्रों ने 29जून को बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन किए। विश्वविद्यालय के जगन्नाथ हॉल में अल्पसंख्यक छात्र रहते हैं, जिन्होंने अलग-अलग जुलूस निकाले और अल्पसंख्यक समुदायों के लिए बेहतर सुरक्षा की मांग की। यह विरोध-प्रदर्शन बांग्लादेश स्टूडेंट्स यूनियन (BSU) ने 'ढाका यूनिवर्सिटी अगेंस्ट ऑप्रेशन' बैनर के तहत आयोजित किया गया था।
ढाका के नेशनल प्रेस क्लब के सामने भी सैकड़ों लोग इकट्ठा हुए। जहां संमिलिता सनातन परिषद जैसे अल्पसंख्यक संगठनों ने धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की निंदा की। इसी के साथ 'हिंदुओं पर हमले बंद करो' और 'बलात्कारियों को फांसी दो' जैसे नारों और बैनरों साथ सड़कों पर उतरे।
Leave a comment