PM मोदी और ट्रंप के बीच 35 मिनट की फोन कॉल, आतंकवाद पर भारत ने फिर दोहराई जीरो टॉलरेंस की नीति

PM मोदी और ट्रंप के बीच 35 मिनट की फोन कॉल, आतंकवाद पर भारत ने फिर दोहराई जीरो टॉलरेंस की नीति

PM Modi-Donald Trump: ताजा जानकारी के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच 35मिनट तक फोन कॉल पर बात हुई है। इस कॉल के जरिए दोनों के बीच ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बातचीत हुई। मालूम हो कि यह कॉल 51वें जी7शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं के बीच संभावित मुलाकात से पहले हुआ। इस फोन कॉल के जरिए दोनों नेताओं के बीच कई मुद्दों पर बात हुई हैं।

ट्रंप और मोदी की फोन कॉल पर हुई बात

17जून को कनाडा में जी7शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी और ट्रंप के बीच मुलाकात की संभावना थी। लेकिन ट्रंप ईरान-इजरायल तनाव के कारण समय से पहले शिखर सम्मेलन बीच में ही छोड़कर चले गए। जिस वजह से पीएम मोदी और ट्रंप की मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बजाय, ट्रंप ने पीएम मोदी से फोन पर बात करने का आग्रह किया, जिसे भारत ने स्वीकार किया। 35मिनच के इस फोन कॉल के जरिए भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद क्षेत्रीय स्थिरता, भारत-पाकिस्तान संबंधों, और वैश्विक आतंकवाद विरोधी प्रयासों पर चर्चा हुई।

35मिनट की फोव कॉल में क्या हुई बातचीत? 

35मिनट की इस फोन कॉल में कई अहन मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें से ऑपरेशन सिंदूर और इसके परिणाम सबसे अहम रहे। फोन कॉल के जरिए पीएम मोदी ने ट्रंप को ऑपरेशन सिंदूर के उद्देश्यों और परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। भारत ने इस ऑपरेशन को पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ एक निर्णायक कदम बताया। जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय शांति को खतरे में डालने वाले आतंकी ढांचे को नष्ट करना था।

मोदी ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई भारत की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा थी। दूसरी तरफ, ट्रंप ने इस ऑपरेशन के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव को कम करने में अपनी भूमिका का दावा किया। ट्रंप ने कई बार दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम में मध्यस्थता की भूमिका निभाई। लेकिन भारत ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिए। भारत ने दोहराया कि युद्धविराम का निर्णय पाकिस्तान के DGMO के अनुरोध पर लिया गया है।

सीजफायर या ट्रेड डील पर कभी बात नहीं हुई

प्रधानमंत्री मोदी ने फोव कॉल के जरिए कहा कि भारत ने न तो कभी मध्यस्थता स्वीकार की थी, न करता है और न ही कभी करेगा। ऐसे में ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है। वहीं, भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील या अमेरिका की ओर से भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर जैसे विषयों पर कभी बात नहीं हुई।

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