Search KhabarFast

Press ESC to close

Health News: जहरीली हवा बढ़ा रही सांस की बीमारियां, रिकॉर्ड तोड़ हो रही दवाओं की बिक्री

Health News: जहरीली हवा बढ़ा रही सांस की बीमारियां, रिकॉर्ड तोड़ हो रही दवाओं की बिक्री

Health News: देश के कई शहरों में बढ़ते वायु प्रदूषण का सीधा असर अब लोगों की सेहत और जेब पर साफ दिखने लगा है। जहरीली हवा की वजह से सांस से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं और इसका प्रमाण दवाओं की बढ़ती बिक्री से मिल रहा है। दिसंबर, 2025 में सांस की बीमारियों की दवाओं, खासकर एंटी-एलर्जिक और एंटी-अस्थमा दवाओं की बिक्री 1,950 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गई, जो अब तक का सबसे ऊंचा मासिक स्तर है।

क्या कहती है रिसर्च?

मार्केट रिसर्च फर्म फार्मारैक के आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2025 की बिक्री दिसंबर 2024 की तुलना में 10 फीसदी ज्यादा रही, जबकि 2023 के मुकाबले इसमें 18 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह साफ संकेत है कि हर साल प्रदूषण से जुड़ी बीमारियां लगातार बढ़ रही हैं। अक्टूबर से दिसंबर के बीच का समय आमतौर पर प्रदूषण का पीक सीजन माना जाता है। इस तिमाही में भी सांस की दवाओं की बिक्री में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में बिक्री 5,620 करोड़ रुपये को पार कर गई, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 17 फीसदी ज्यादा है। इसमें से करीब 3,500 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी अस्थमा और सीओपीडी (क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज) की दवाओं की रही।

इन दवाओं की बढ़ी बिक्री

अस्थमा और सांस से जुड़ी समस्याओं में इस्तेमाल होने वाली दवा फोराकॉर्ट सर्दियों के महीनों में सबसे ज्यादा बिकने वाली दवाओं में शामिल रही। दिसंबर में यह 90 करोड़ रुपये की बिक्री के साथ दूसरी सबसे ज्यादा बिकने वाली दवा बनी, पहले स्थान पर वजन घटाने की दवा माउंजारो रही। चिकित्सकों का कहना है कि वायु प्रदूषण अस्थमा और सांस के संक्रमण को गंभीर बना देता है और लंबे समय में सीओपीडी जैसी बीमारियों का कारण भी बन सकता है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

गुरुग्राम स्थित पारस हेल्थ के ईएनटी विभाग के प्रमुख डॉ. अमिताभ मलिक के मुताबिक, हवा में प्रदूषक कण बढ़ने से एलर्जिक राइनाइटिस और ब्रोंकाइटिस के मरीजों की संख्या ओपीडी में करीब 60 फीसदी तक बढ़ जाती है। मास्क और एयर प्यूरीफायर काफी हद तक मददगार साबित होते हैं। फार्मारैक का कहना है कि यह ट्रेंड अब सिर्फ उत्तर भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर और दक्षिण दोनों क्षेत्रों में एक जैसा देखा जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों में प्रदूषण अब सिर्फ मौसमी समस्या नहीं, बल्कि एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है।

Leave Your Comments



संबंधित समाचार

इंसान जोखिम लेगा या नहीं...दिमाग फैसला लेने से पहले ही दे देता है सिग्नल, शोधकर्ताओं का दावा

Brain signals before Decision: सैन फ्रांसिस्को स्थित कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय (UCSF) और बर्कले स्थित कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने मानव मस्तिष्क के दो पड़ोसी क्षेत्रों की पहचान की है जो जोखिम लेने का निर्णय लेते समय प्रतिस्पर्धा करते प्रतीत होते हैं। उन्होंने पाया कि उनकी गतिविधि निर्णय लेने से लगभग आधा सेकंड पहले ही उसकी भविष्यवाणी कर सकती है।

रोजाना एक गिलास फ्रेश Fruit Juice पियो और Depression को दूर भगाओ, नई स्टडी का दावा

Health Tips: रोजाना एक गिलास ताजे फलों का रस या स्मूदी पीने से सिर्फ फलों का सेवन ही नहीं, बल्कि और भी कई फायदे हो सकते हैं। चार हफ्ते के एक छोटे से परीक्षण में, जिन प्रतिभागियों ने अपने स्वस्थ आहार में इसे शामिल किया, उनमें अवसाद के स्तर में उल्लेखनीय कमी देखी गई, जिससे संकेत मिलता है कि आहार में एक साधारण बदलाव मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बना सकता है।

अब वजन घटाने के लिए खाने में कटौती की जरूरत नहीं, शाकाहारी लो-फैट आहार से मिलेगा परफेक्ट फिगर

Low Fat Vegan Diet: कम वसा वाला शाकाहारी आहार कैलोरी गिनने, भोजन की मात्रा कम करने या लगातार भूख से जूझने की ज़रूरत के बिना वज़न घटाने में सहायक हो सकता है। 16 सप्ताह के एक नैदानिक परीक्षण में, फलों, सब्जियों, अनाज और दालों पर आधारित आहार का पालन करने वाले प्रतिभागियों ने लगभग समान मात्रा में भोजन करने के बावजूद प्रतिदिन लगभग 357 कम कैलोरी का सेवन किया।

लाइव अपडेट

बड़ी खबरें

Khabar Fast