
Vinesh Phogat Beome Rajyasabha MP: विनेश फोगाट की चर्चा पेरिस ओलंपिक से लेकर भारत की राजनीतिक गलियारों में हो रही है। विनेश फोगाट के मामले में शनिवार को कोर्ट में सुनवाई होनी है। जहां वो सिल्वर मेडल पर अपना दावा ठोकेंगी। हालांकि, इसके इतर भारत में अगर ही बयानबाजी चल रही है। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदरसिंह हुड्डा ने जब से विनेश फोगाट को राज्यसभा भेजने की बात कही है, तब से राजनीतिक गलियारों में जमकर कयासलगाए जा रहे हैं। सवाल यह उठने लगा है कि क्या विनेश राज्यसभा जाने के लिए सभी तय मानदड़ों को पूरा करती भी या नहीं?गौरतलब है कि भूपिंदरसिंह हुड्डा ने विनेश फोगाट को राज्यसभा भेजने की मंशा जताई थी। वहीं, हरियाणा सरकार ने विनेश फोगाट को वो सब सुविधाएं देने की बात कही है, जो एक सिल्वर पदक विजेता को दी जाती है।
क्या कहा पूर्व सीएम ने?
हरियाणा के पूर्व सीएम भूपिंदर हुड्डा ने कहा था कि अगर राज्य में कांग्रेस बहुमत होती तो वो विनेश फोगाट को राज्यसभा भेज देती। उन्होंने कहा, अभी हरियाणा में एक सीट खाली है, अगर मेरे पास बहुमत होता तो मैं उन्हें राज्यसभा भेज देता।
हालांकि, विनेश के ताऊ और गुरु महावीर फोगाट ने इसे राजनीतिक स्टंट बताया है। उन्होंने कहा, आज भूपिंदर हुड्डा विनेश को राज्यसभा भेजने की बात कर रहे हैं, लेकिन जब उनकी सरकार थी तो उन्होंने गीता को क्यों नहीं भेजा। उन्होंने दावा किया कि उस समय हुड्डा सरकार थी। गीता और बबीता को डीएसपी बनाया जाना था, लेकिन हुड्डा साहब ने भेदभाव किया और गीता को इंस्पेक्टर और बबीता को सब-इंस्पेक्टर बना दिया. हमने केस दर्ज कराया और कोर्ट के जरिए मामला सुलझा।
कैसे कोई बन सकता है राज्यसभा सांसद?
राज्यसभा का सदस्य बनने के लिए भारत का नागरिक होना जरूरी है। उसकी उम्र 30 साल से ज्यादा होनी चाहिए। ये जरूरी नहीं है कि वो जिस राज्य से राज्यसभा का सदस्य निर्वाचित हो, वहीं का रहने वाला हो। राज्यसभा कभी भंग नहीं होती। राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल 6 साल होता है। इसके एक तिहाई सदस्यों हर दो साल में रिटायर हो जाते हैं। इसलिए हर दो साल में चुनाव होते हैं। वहीं, राष्ट्रपति की ओर से मनोनीत सदस्य छह महीने के भीतर किसी राजनीतिक दल में शामिल हो सकते हैं। अगर वो ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें स्वतंत्र उम्मीदवार माना जाता है।
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