Israel on Iran: इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों ने वैश्विक राजनीतिक माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया है। इन हमलों ने न केवल मध्य पूर्व में हलचल बढ़ाई है बल्कि उत्तर कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन की चिंताओं को भी हवा दे दिया है। खबरों के अनुसार किम जोंग उन ने इस स्थिति को देखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है जिसमें उत्तर कोरिया ने ईरान को सैन्य सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। यह कदम वैश्विक शक्तियों विशेष रूप से अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए एक नई चुनौती बन खड़ा हो सकता है।
इजरायल-ईरान तनाव का नया दौर
13 जून 2025 को इजरायल ने ईरान की राजधानी तेहरान, इस्फहान और फोर्डो में परमाणु और सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। इन हमलों में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रमुख हुसैन सलामी सहित कई सैन्य अधिकारी और परमाणु वैज्ञानिक मारे गए। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल पर 100 से अधिक विस्फोटक ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जिससे तेल अवीव में कई लोग घायल हुए। इस संघर्ष ने मध्य पूर्व में एक बड़े युद्ध की आशंका को बढ़ा दिया है।
किम जोंग उन की चिंता
इजरायल-ईरान संघर्ष का असर उत्तर कोरिया तक पहुंचा गया है। किम जोंग उन ने इस स्थिति को अपने देश की सुरक्षा के लिए खतरे के रूप में देखा है। उत्तर कोरिया और ईरान के बीच लंबे समय से सैन्य और परमाणु सहयोग रहा है। और दोनों देश अमेरिका के नेतृत्व वाले पश्चिमी गठबंधन के खिलाफ एकजुट हैं। किम जोंग उन को डर है कि इजरायल के हमले और अमेरिका का इजरायल के प्रति समर्थन उत्तर कोरिया की सुरक्षा को भी प्रभावित कर सकता है। जानकारो का मानना है कि किम इस संघर्ष को तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत मान रहे हैं। जिसका असर कोरियाई प्रायद्वीप पर भी पड़ सकता है।
वैश्विक प्रतिक्रिया
अमेरिका ने इस घटनाक्रम पर चिंता जताई है और उत्तर कोरिया-ईरान सैन्य गठजोड़ को वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि इजरायल की कार्रवाई एकतरफा थी। लेकिन अमेरिका अपने सैनिकों की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाएगा। दूसरी ओर रूस और चीन ने इस मुद्दे पर अपना रुख अपनाया है। लेकिन दोनों देश स्थिति पर करीबी नजर रख रहे हैं।
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