
अमेरिकी रिसर्च कंपनी हिंडनबर्ग की एक रिपोर्ट ने दुनियाभर में हलचल मचा दी है। हाल ही में आई हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में भारत में सिक्योरिटी मार्केट रेगुलटर सेबी की मौजूदा चेयरमैन माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच पर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया है। इससे पहले पिछले साल आई हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में अडानी ग्रुप को लेकर जो बताया गया था उसके बाद शेयर मार्केट में अडानी ग्रुप को काफी नुकसान पहुंचा था। ऐसे में कई लोगों के मन में ये सवाल है कि आखिर ये हिंडनबर्ग की रिपोर्ट क्या है? जिसने बिजनेस की दुनिया में उथल-पुथल मचा दी है।
बता दें कि हिंडनबर्ग रिसर्च अमेरिकी रिसर्च कंपनी है, जिसकी शुरूआत नेट एंडरसन नाम के एक नागरिक ने की थी। बता दें ये कंपनी फॉरेसिक फाइनेंस रिसर्च, वित्तीय अनियमितताओं की जांच और विश्लेषण, अनैतिक कारोबारी तरीकों और गुप्त वित्तीय मामलों और लेनदेने से संबधिंत जांच करती है। ये कंपनियों पर अपनी रिपोर्ट के जरिए उनकी पोजीशन बताती है, जिसके जरिये ये भी पता चलता है कि कंपनियों की पोजीशन में क्या कुछ गिरावट आने वाली है। ये कंपनी साल 2017 से काम कर रही है और उसने दावा किया है कि उसने अबतक 16 ऐसी रिपोर्ट्स जारी की है, जिनमें अमेरिका की सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन के अलावा देश-विदेश की कंपनियों में गैरकानूनी लेनदेन और वित्तीय अनियमितताओं को उजागर किया गया है।
हिंडनबर्ग की नई रिपोर्ट में क्या है?
हिंडनबर्ग ने दावा किया है कि उसके पास ऐसे दस्तावेज हैं, जिससे पता चलता है कि सेबी में नियुक्ति से कुछ हफ्ते पहले माधबी पुरी बुच के पति धवल बुच ने मॉरीशस के फंड एडमिनिस्ट्रेशन ट्रिडेंट ट्रस्ट को एक ई-मेल किया था। जिसमें उनके और उनकी पत्नी के ग्लोबल डायनेमिक ऑप्चर्यूनिटीज फंड में निवेश का जिक्र किया गया था। रिपोर्ट मे आगे कहा गया है कि माधबी बुच के सेबी अध्यक्ष बनने से पहले उनके पति ने अनुरोध किया था कि अब सारे अकाउंट को वही ऑपरेट करेंगे। इसका मतलब यह है कि वह अपनी पत्नी के सेबी अध्यक्ष बनने से पहले उनके सारे खातों से सभी असेट्स हटा देना चाहते थे।
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