
Rain Alert: मानसून की भारी बारिश ने देशभर में तबाही मचा दी है, खासकर जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश जैसे हिमालयी राज्यों में। जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण अमरनाथ यात्रा को 3 सितंबर तक रोक दिया गया है। पहलगाम और बालटाल मार्गों पर मरम्मत कार्य चल रहा है, और जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से तीर्थयात्रियों की आवाजाही बंद है। इस साल 4.05 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं, लेकिन क्षतिग्रस्त सड़कों और धुंध के कारण हेलिकॉप्टर सेवा भी बाधित है। हिमाचल प्रदेश में 6 अगस्त तक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। राज्य में 283 सड़कें, जिसमें चंडीगढ़-मनाली और मनाली-लेह राजमार्ग शामिल हैं, बंद हैं। इसके अलावा, 314 बिजली ट्रांसफार्मर और 221 जलापूर्ति योजनाएं ठप हैं।
मैदानी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में संकट
मैदानी इलाकों में भी बारिश ने कहर बरपाया है। झारखंड के दुमका में एक मकान ढहने से 10 साल के बच्चे की मौत हो गई, जबकि उसकी बहन घायल है। राजस्थान के धौलपुर में पार्वती नदी में एक मिनी ट्रक बह गया, जिसमें चालक और सहायक लापता हैं। भिवाड़ी में एक बाइक सवार की खुले मैनहोल में गिरने से मौत हो गई। मौसम विभाग ने अगले सात दिनों तक उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और बिहार में भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
मानसून का दूसरा चरण लाएगा और बारिश
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने अगस्त-सितंबर में सामान्य से अधिक बारिश की भविष्यवाणी की है, जो दीर्घकालिक औसत (422.8 मिमी) के 106% से अधिक हो सकती है। हालांकि, पूर्वोत्तर और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में कम बारिश की आशंका है। विभाग के अनुसार, समुद्री परिस्थितियों के आधार पर यह अनुमान लगाया गया है, लेकिन पूर्वोत्तर में बारिश की कमी का रुझान चिंताजनक है।
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