Jagdeep Dhankhar: उपराष्ट्रपति ने इन कारणों का हवाला देते हुए संसद सत्र के बीच दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति को सौंपा त्याग पत्र

Jagdeep Dhankhar: उपराष्ट्रपति ने इन कारणों का हवाला देते हुए संसद सत्र के बीच दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति को सौंपा त्याग पत्र

Jagdeep Dhankar Resignation:  भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लिखे पत्र में संविधान के अनुच्छेद 67(a) के तहत इस्तीफे की घोषणा की। धनखड़ ने लिखा, "चिकित्सकीय सलाह का पालन करते हुए और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए मैं उपराष्ट्रपति पद से त्यागपत्र दे रहा हूं।" उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मंत्रिपरिषद को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। धनखड़ ने संसद सदस्यों के स्नेह और विश्वास को जीवनभर याद रखने की बात कही।

कार्यकाल और उपलब्धियां

जगदीप धनखड़ ने अगस्त 2022में 14वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। उन्होंने विपक्षी उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को 528वोटों से हराया था। अपने कार्यकाल में उन्होंने भारत के आर्थिक विकास और वैश्विक उभार का साक्षी बनने को गर्व का विषय बताया। धनखड़ ने कहा, "इस परिवर्तनकारी दौर में सेवा करना मेरे लिए सम्मान की बात रही।" वह तीसरे उपराष्ट्रपति हैं जिन्होंने कार्यकाल पूरा नहीं किया। इससे पहले वी.वी. गिरि (1969) और आर. वेंकटरमन (1987) ने राष्ट्रपति पद के लिए इस्तीफा दिया था, जबकि धनखड़ का इस्तीफा स्वास्थ्य कारणों से है।

जीवन परिचय और राजनीतिक सफर

18मई, 1951को राजस्थान के झुंझुनू में एक किसान परिवार में जन्मे धनखड़ ने सैनिक स्कूल, चित्तौड़गढ़ से पढ़ाई की और राजस्थान यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री हासिल की। 1979में वकालत शुरू करने वाले धनखड़ 1990में राजस्थान हाई कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता बने। उनकी राजनीतिक शुरुआत चौधरी देवीलाल के प्रभाव से हुई, जिनके समर्थन से वे 1989में जनता दल के टिकट पर झुंझुनू से सांसद बने और केंद्र में मंत्री बने। बाद में वे पश्चिम बंगाल के राज्यपाल भी रहे।

अब कौन संभालेगा उपराष्टपति का पत्र?

संविधान के अनुसार, उपराष्ट्रपति के इस्तीफे के बाद राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह अस्थायी रूप से राज्यसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगे। नए उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए छह महीने के भीतर मतदान होना अनिवार्य है। धनखड़ के इस्तीफे ने राजनीतिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है, क्योंकि यह संसद के मानसून सत्र के पहले दिन हुआ। विपक्ष ने इसकी टाइमिंग पर सवाल उठाए हैं, लेकिन स्वास्थ्य कारणों को प्राथमिकता माना जा रहा है।

 

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