Uttrakhand News:हरिद्वार में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ली और तेज बारिश के साथ भीषण ओलावृष्टि हुई। आसमान से गिरते बड़े-बड़े ओलों को देखकर लोग हैरान रह गए। स्थानीय स्तर पर कुछ ओलों का वजन करीब एक किलो तक होने का दावा किया जा रहा है। भारी ओलों की चोट से कई वाहनों के शीशे टूटने की जानकारी सामने आई है। अचानक बदले मौसम के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा और सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा।
ओलावृष्टि के दौरान सड़कों और खुले स्थानों पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बर्फ के बड़े टुकड़ों की तरह गिरते ओलों ने वाहनों और खुले में खड़ी वस्तुओं को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ा दी। मौसम के इस अचानक बदले मिजाज ने लोगों को सतर्क रहने पर मजबूर कर दिया। हालांकि, ओलों के वास्तविक आकार और वजन की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
आसमान से गिरे बड़े-बड़े ओले, लोगों में दहशत
शुक्रवार को हरिद्वार में मौसम खराब होने के साथ ओलावृष्टि शुरू हुई। देखते ही देखते सड़कों और आसपास के इलाकों में बड़े आकार के ओले गिरने लगे। अचानक हुई इस घटना से लोग हैरान रह गए। खुले स्थानों पर मौजूद लोगों ने सुरक्षित जगहों पर पहुंचने की कोशिश की। ओलावृष्टि की तीव्रता को देखते हुए वाहनों और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
गाड़ियों के शीशे टूटे, नुकसान का आकलन बाकी
ओलावृष्टि का असर वाहनों पर भी पड़ने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि भारी ओलों की चोट से कई गाड़ियों के शीशे टूट गए। हालांकि, कितने वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं और अन्य संपत्तियों को कितना नुकसान पहुंचा है, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है। खेतों और फसलों पर ओलावृष्टि के प्रभाव का आकलन भी संबंधित क्षेत्रों से जानकारी मिलने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
मौसम बिगड़ने पर सतर्क रहने की अपील
हरिद्वार में अचानक हुई ओलावृष्टि ने मौसम की अनिश्चितता को एक बार फिर सामने ला दिया है। ऐसे मौसम में लोगों को मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए। ओले गिरने के दौरान खुले स्थानों पर खड़े होने, पेड़ों के नीचे रुकने और बिजली के खंभों के पास जाने से बचना चाहिए। वाहन चालकों को भी सुरक्षित स्थान पर रुककर मौसम सामान्य होने का इंतजार करना चाहिए।
फिलहाल, हरिद्वार में हुई ओलावृष्टि से नुकसान की पूरी जानकारी सामने आना बाकी है। ओलों के आकार और वाहनों को हुए नुकसान से जुड़ी खबरों के बीच स्थानीय लोगों में चिंता बनी हुई है। प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से विस्तृत जानकारी मिलने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
Also read: Uttarakhand News : स्वस्थ बचपन और सशक्त मातृशक्ति, सशक्त उत्तराखंड की मजबूत नींव : मुख्यमंत्री धामी