
लखनऊ - उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव से पहले, कांग्रेस पार्टी दोहरे झटकों से उबरने की कोशिश कर रही है। एक ओर, हरियाणा विधानसभा चुनाव में मिली हार का सामना करना पड़ा है, वहीं दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी ने यूपी में होने वाले 10उपचुनावों में से 6सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं।
कांग्रेस के रणनीतिकारों का मानना है कि सपा के साथ गठबंधन का कोई बेहतर रास्ता निकाला जाएगा, जिससे सत्तारूढ़ भाजपा को शिकस्त देने में सफलता मिल सके।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं में निराशा, लेकिन लक्ष्य पर ध्यान
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश के प्रभारी अविनाश पांडेय ने 'पीटीआई-भाषा' से बातचीत में कहा, "यदि कहीं नतीजे उम्मीद के अनुसार नहीं आते, तो स्वाभाविक है कि कार्यकर्ताओं और नेताओं को दुख होगा। लेकिन हमारा ध्यान उत्तर प्रदेश में 'जंगलराज' का खात्मा करने पर केंद्रित है।" एक कांग्रेस कार्यकर्ता ने अपनी नाखुशी जाहिर करते हुए कहा, "हरियाणा में हार के बाद ही सपा ने अपनी उम्मीदवारों की घोषणा की। अगर वहां हमारी सरकार होती, तो वे ऐसा नहीं करते।"
टिकट बंटवारे पर चर्चा जारी
अविनाश पांडेय ने टिकट बंटवारे पर चर्चा जारी रखने की बात की और कहा, "यह एक बड़ी समस्या नहीं है। संवाद जारी है और समय रहते इसे हल किया जाएगा।" राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, हरियाणा में भाजपा ने 90में से 48सीटें जीतकर अपनी सरकार बनाई, जिससे कांग्रेस की सरकार बनाने की उम्मीदें टूट गईं। हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में सपा ने 37और कांग्रेस ने 6सीटें जीती थीं, जिससे कांग्रेस का आत्मविश्वास बढ़ा था।
सपा ने 6सीटों पर उम्मीदवार किए घोषित
सपा ने हाल ही में करहल, सीसामऊ, मिल्कीपुर, कटेहरी, फूलपुर और मझवां सीटों पर अपने उम्मीदवारों का नाम घोषित किया। इनमें से कई सीटें ऐसी हैं, जिन पर कांग्रेस भी दावेदारी कर रही थी। सपा के जियाउर्रहमान बर्क ने 2022में कुंदरकी सीट जीती थी, जबकि मीरापुर, गाजियाबाद और खैर सीटों पर कांग्रेस की संभावनाएं अब भी बनी हुई हैं।
हरियाणा में आत्मविश्वास का असर यूपी पर
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा, "हरियाणा में आत्मविश्वास के कारण हार मिली, लेकिन उत्तर प्रदेश में हम जमीन पर काम कर रहे हैं। हम सपा के साथ मिलकर भाजपा की तानाशाही के खिलाफ उपचुनाव लड़ेंगे।" उन्होंने कहा, "हम मिलकर भाजपा के जंगलराज के खिलाफ लड़ेंगे और जनता हमें सबक सिखाएगी।"
गठबंधन बना रहेगा, चुनाव में सहयोग का आश्वासन
कांग्रेस और सपा के नेता एकमत हैं कि उनका गठबंधन बना रहेगा और उपचुनाव में टिकट बंटवारा कोई मुद्दा नहीं बनेगा। सपा प्रमुख अखिलेश यादव और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने भी इस बात की पुष्टि की है कि उपचुनाव में सभी 10सीटों पर कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ा जाएगा।अविनाश पांडेय ने कहा, "राज्य में परिस्थिति अलग है। बुलडोजर राज और जंगलराज की चुनौती केवल कांग्रेस के लिए नहीं, बल्कि सभी के लिए है।"
उत्तर प्रदेश की 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है, जिनमें सीसामऊ सीट सपा विधायक इरफान सोलंकी के सजायाफ्ता होने से रिक्त हुई है। अन्य सीटें विधायकों के सांसद बनने के कारण खाली हुई हैं। 2022 में उप्र की विधानसभा में सपा, भाजपा, और रालोद ने विभिन्न सीटों पर जीत हासिल की थी।
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