'संभल हिंसा वर्चस्व की राजनीति का नतीजा..', तुर्क और पठानों की लड़ाई पर BJP नेता नितिन अग्रवाल का दावा

'संभल हिंसा वर्चस्व की राजनीति का नतीजा..', तुर्क और पठानों की लड़ाई पर BJP नेता नितिन अग्रवाल का  दावा

Sambhal Violence: उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा में एक बहुत बड़ा खुलासा हुआ है। FIRसे मिली जानकारी के अनुसार, भीड़ ने पुलिसवालों से उनके हथियार छीनने की कोशिश की थी। लेकिन वे इसमें कामयाब नहीं हो सकें। बाद में, भीड़ ने पुलिसवालों से उनकी 10 राउंड 9 MM की मैगजीन भी लूट ली। इसके बाद भीड़ ने इलाके के CCTV कैमरे भी तोड़ दिए।

पठान और तुर्क की लड़ाई

लेकिन इसी बीच, तुर्क और पठान बिरादरी के नेताओं के बीच चल रही वर्चस्व की जंग में भी संभल बवाल के कारण तलाशे जा रहे हैं। पुलिस और FIRकी मानें तो दो बड़े नेताओं के भड़काने पर ही बवाल शुरु हुआ। इस मामले में दोनों को नामजद भी किया गया है। बता दें, संभल के सांसद जिया उर रहमान बर्क तुर्क हैं और यहां के विधायक इकबाल महमूद पठान हैं। दोनों के परिवारों के बीच लंबे समय से राजनीतिक वर्चस्व को लेकर जंग चल रही है।

जिया उर रहमान बर्क और इकबाल महमूद दोनों ही नेता संभल में अपना-अपना वर्चस्व कायम रखना चाहते हैं। बताया जा रहा है कि पथराव करने वालों को दूसरे मोहल्ले से बुलाया गया था। जबकि मरने वाले सभी जामा मस्जिद के आसपास के ही रहने वाले हैं। 

संभल हिंसा पर क्या बोली सरकार?

यूपी सरकार के मंत्रियों ने पठान vs तुर्क की लड़ाई को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा 'संभल की आगजनी और हिंसा वर्चस्व की राजनीति का नतीजा है। तुर्क-पठान विवाद ने न केवल शांति भंग की, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए। उत्तर प्रदेश पुलिस की तत्परता सराहनीय है।' सरकार ने कहा कि संभल हिंसा के दौरान आगजनी और तोड़फोड़ से हुए सरकारी संपत्ति के नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। इसके साथ ही पुलिस सभी वीडियो और फुटेज की बारीकी से जांच कर एक-एक उपद्रवी को चिह्नित कर रही है।

बता दें संभल हिंसे पर सपा सांसद ने भी बयान दिया था। उनका कहना है कि मस्जिद को बचाना है। इसके बाद ही भीड़ इकट्ठा हुई थी। इसी बीच, संभल के डीएम ने भी अपने बयान में यही कहा है कि सर्वे पूरी तरह से शांतिपूर्ण संपन्न हुआ था। लोगों को इसकी जानकारी दी गई थी। बावजूद इसके भीड़ को उकसाकर पथराव कर दिया गया।   

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