अवैध कब्जा हटवाने गई पुलिस और प्रशासन की टीम पर हमला, स्थानीय लोगों ने की पत्थरबाजी

अवैध कब्जा हटवाने गई पुलिस और प्रशासन की टीम पर हमला, स्थानीय लोगों ने की पत्थरबाजी

UP News:यूपी हो या दिल्ली...सरकारें अवैध कब्जे को हटाने में लगी हुई है। हालांकि में दिल्ली प्रशासन ने 5 कॉलोनियों को खाली करने के निर्देश दिए है। इस बीच यूपी में सरकारी जमीन पर कब्जा हटवाने गई पुलिस और प्रशासन की टीम पर स्थानीय लोगों ने हमला बोल दिया और पुलिस पर पत्थरों फेंके। घटना न्यू आगरा क्षेत्र के दयालबाग सत्संग पीठ की है।

दरअसल दयालबाग सत्संग पीठ सरकारी जमीन है जिस पर लोगों ने कब्जा जमा रखा है। हालांकि इसे हटवानी प्रशासन पूरी कोशिश कर रहा है लेकिन लोग वहां से हटने का नाम नहीं ले रहे है। इस कड़ी में आज पुलिस और प्रशासन की टीम  इलाके पर पहुंची और इलाके पर कब्जा हटवाने की कोशिश की। लेकिन इस दौरान स्थानीय लोगों ने हमला बोल दिया। लोगों ने पुलिस और प्रशासन पर पत्थर से हमला किया। इस दौरान कई अधिकारी घायल हुए हैं। कुछ पत्रकारों को भी चोट लगी है। पहले भी अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई कर इस कब्जे को हटवा दिया गया था।

अवैध कब्जे को हटवाने गई टीम पर हमला

वहीं, इस घटना को लेकर स्पेशल डीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि आगरा में स्थिति नियंत्रण में है। कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और लोगों से बात कर रहे हैं। पुलिसबल की तैनाती कर दी गई है। पथराव शरारती तत्वों द्वारा किया गया था। दोनों ही तरफ से फायरिंग नहीं की गई थी।

अखिलेश ने साथा भाजपा पर निशाना

इसके अलावा यूपी के पूर्व सीएम सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्विट करते हुए कहा कि ''राधास्वामी मत के माननेवाले सम्पूर्ण विश्व में अपने अध्यात्म, प्रेम, करूणा और सत्संग के लिए अनुकरणीय हैं। दयालबाग सदैव से आस्था, सौहार्द, सेवा और शिक्षा का प्रतीक रहा है। दयालबाग की ज़मीन पर अब सत्ताधारी और पुलिस-प्रशासन मिलकर भाजपाई भू-माफ़ियों की स्वार्थ सिद्धि में लग गए हैं।

उन्होंने कहा कि ये सत्संग की महान भारतीय परम्परा पर घातक प्रहार है, जिसका आस्थावान और शांतिप्रिय राधास्वामी मतावलंबी पुरज़ोर तरीक़े से विरोध कर रहे हैं। इस अन्याय के विरोध में समाजवादी पार्टी राधास्वामी सत्संग के साथ खड़ी है और दयालबाग को बचाने की मुहिम में हर तरह से साथ है। भाजपा का धर्म-विरोधी बुलडोज़र जनता नहीं सहेगी।'

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