
मिल्कीपुर- चुनाव आयोग ने आज उत्तर प्रदेश में उपचुनावों की घोषणा की, लेकिन अयोध्या की मिल्कीपुर सीट पर उपचुनाव को रोक दिया गया है। यह निर्णय एक चुनाव याचिका के कारण लिया गया, जो अभी अदालत में लंबित है।
गोरखनाथ बाबा के वकील ने किया याचिका का ऐलान
मिल्कीपुर के पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा के वकील ने याचिका को वापस लेने की घोषणा की है। एडवोकेट रुद्र विक्रम सिंह ने एक वीडियो जारी कर इस बात की जानकारी दी।
याचिका का मूल कारण
गोरखनाथ बाबा ने 2022 के विधानसभा चुनाव में हारने के बाद समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार अवधेश प्रसाद के चुनाव जीतने के खिलाफ याचिका दायर की थी। उनका आरोप है कि अवधेश ने नामांकन के समय जो हलफनामा पेश किया था, उसमें नोटरी की तारीख समाप्त हो गई थी। यदि नोटरी की तारीख एक्सपायरी हो जाती है, तो नामांकन रद्द कर दिया जाता है।
गोरखनाथ बाबा ने यह याचिका MLC अनूप गुप्ता के मामले के आधार पर दाखिल की थी। उन्हें बीजेपी का एक प्रमुख नेता माना जाता है, जिन्होंने 2017 में मिल्कीपुर से विधायक बनने का गौरव हासिल किया, लेकिन 2022 के चुनाव में हार का सामना किया। उस वर्ष, सपा के उम्मीदवार अवधेश प्रसाद ने लगभग 13 हजार वोटों से जीत प्राप्त की थी।
महाराष्ट्र और झारखंड चुनावों की तिथियों की घोषणा
इसके अलावा, चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव की तारीखों का भी ऐलान किया है। महाराष्ट्र में 20 नवंबर को चुनाव होंगे और 23 नवंबर को वोटों की गिनती होगी। यहां एक ही चरण में चुनाव होगा। वहीं, झारखंड में 13 और 20 नवंबर को वोटिंग होगी, और परिणाम 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। झारखंड में चुनाव दो चरणों में होंगे।
चीफ इलेक्शन कमिश्नर राजीव कुमार ने बताया कि महाराष्ट्र में कुल 9 करोड़ 63 लाख मतदाता होंगे, जिनमें 5 करोड़ पुरुष शामिल हैं। यहां एक लाख मतदान केंद्रों पर वोटिंग होगी, और हर केंद्र पर लगभग 960 मतदाता होंगे। वहीं, झारखंड में 2 करोड़ 60 लाख मतदाता हैं, जिनमें एक करोड़ 31 लाख पुरुष और एक करोड़ 29 लाख महिला मतदाता हैं। झारखंड में 29,526 मतदान केंद्र होंगे, जहां प्रत्येक केंद्र पर 881 मतदाता होंगे।
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