"जब तक DMK सत्ता से बाहर नहीं होगी...", तमिलनाडू भाजपा अध्यक्ष "अन्नामलाई" ने लिया अनोखा प्रण

Annamalai Took The Vow: भाजपा का कुनबा भले ही उत्तर भारत में दबदवा बना लिया है लेकिन सच यही है कि दक्षिण भारत में आज भी भाजपा सत्ता के लिए संघर्ष कर रही है। बात करें केरल की तमिलनाडु की या कर्नाटक की। भाजपा इस क्षेत्र में सत्ता से दूर हैं। हालांकि, इसमें कोई दोराय नहीं कि भाजपा संगठन के तौर पर दक्षिण में मजबूत हुई है लेकिन सत्ता के लिए अब भी संघर्ष कर रही है। 

अब दक्षिण में भाजपा के सबसे बड़ा चेहरा बनकर ऊभरे हैं तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष अन्नमलाई। उन्होंने अकेले अपने दम पर तमिलानाडू की डीएमके सरकार को चुनौती दे दी है। साथ ही उन्होंने अनोखा प्रण भी ले लिया है। उन्होंने कसम खाई है कि जब तक डीएमके को सत्ता से उखाड़ कर नहीं फेंक देंगे। तब तक चप्पल नहीं पहनेंगे।

खुद को मारा कोड़ा

अन्नमलाई ने डीएमके को सत्ता से उखाड़ फेंकने का प्रण लेते हुए खुद को कोड़े भी मारे हैं। उन्होंने कहा कि खुद को कोड़े मारना, खुद को दंडित करना, कठिन अनुष्ठानों से गुजरना तमिल संसकृति का हिस्सा है। अन्नामलाई ने कहा कि जो तमिल संसकृति को समझता है। वह हमेशा जानता है कि ये सभी प्रथाएं इस भूमि का हिस्सा है। अन्नामलाई ने कहा कि ये संकल्प किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं। ये राज्य में लगातार हो रहे अन्याय के खिलाफ है।   

भाजपा तमिलनाडु की सत्ता से दूर

बता दें कि भाजपा ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव पहली बार 1996 में लड़ा था। उस समय सी वेलियुधम कन्याकुमारी की पद्मनाभपुरम सीट से जीतने में कामयाब रहे थे। वहीं, 2001 में भाजपा ने डीएमके के साथ गठबंधन किया था। साथ ही 21 सीटों पर चुनाव लड़ा था। चुनाव में भाजपा चार सीटें जीतने में कामयाब रही थी लेकिन, 2006, 2011 और 2016 के चुनाव में भाजपा का खाता भी नहीं खुला था। अब अन्नमलाई ने भाजपा को जीताने के लिए संकल्प लिया है।   

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