Vishwakarma Jayanti 2023: भारत के इस मंदिर को रातों-रात भगवान विश्वकर्मा ने करवाया था तैयार, जानें इसकी महत्तवता

Vishwakarma Jayanti 2023:  भारत के इस मंदिर को रातों-रात भगवान विश्वकर्मा ने करवाया था तैयार, जानें इसकी महत्तवता

Vishwakarma Jayanti2023:  देशभर में आज विश्वकर्मा जयंती के रूप में मनाई जा रही है। इस दिन विशेष तौर पर औजारों, निर्माण कार्य से जुड़ी मशीनों, दुकानों, कारखानों आदि की पूजा की जाती है। क्योंकि भगवान विश्वकर्मा को यंत्रों का देवता माना जाता है। भारत में कई भगवान विश्वक्रर्मा के मंदिर है। लेकिन आज हम आपको ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे है। जिसका निर्माण खुद भगवान ने किया था। वो भी केवल एक रात में। चलिए आपको इसके बारे में संपूर्ण जानकारी देते है। 

भगवान विश्वकर्मा ने करवा था निर्माण

दरअसल बिहार के औरंगाबाद जिले में भगवान विश्वकर्मा ने एक मंदिर का निर्माण किया था। इस मंदिर में भगवान सूर्य विराजमान है। वहीं इसके अलावा यह मंदिर कई कारणों से मशहूर है। कहा जाता है कि यह देश का एकमात्र ऐसा सूर्य मंदिर है, जिसका द्वार पश्चिम दिशा की ओर खुलता है। बाकी देश के सभी सूर्य मंदिर पूर्वाभिमुख हैं। हालांकि इसका कारण भी है। क्योंकि औरंगाबाद का सूर्य मंदिर पश्चिमाभिमुख है।

इसके अलावा मंदिर में सूर्य देवता की मूर्ति सात रथों पर सवार है। इसमें से उनके तीन रूपों का वर्णन किया गया है। पहला, उदयाचल- प्रात: सूर्य, दूसरा मध्याचल- मध्य सूर्य, और तीसरा अस्ताचल- अस्त सूर्य। मंदिर करीब सौ फीट ऊंचा है, जहां स्थापत्य और वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण देखने को मिलता है। इस मंदिर के निर्माण के लिए किसी प्रकार का सीमेंट और चूना-गारा का प्रकार नहीं किया गया है। मंदिर का निर्माण आयताकार, वर्गाकार, गोलाकार, त्रिभुजाकार आदि रूपों में काटे गए पत्थरों को जोड़कर हुआ है। मंदिर काले और भूरे रंग के पत्थरों से बना है।

Leave a comment