सिर्फ फिंगरप्रिंट और बैंक अकाउंट साफ! Aadhaar Scam कर रहा लोगों को कंगाल, जानिए कैसे करें बचाव

सिर्फ फिंगरप्रिंट और बैंक अकाउंट साफ! Aadhaar Scam कर रहा लोगों को कंगाल, जानिए कैसे करें बचाव

Aadhaar Scam Alert: भारत में आधार कार्ड नागरिक की पहचान का एक प्रमुख साधन है, लेकिन अब यह साइबर अपराधियों के निशाने पर है। एक नई तरह की ठगी में धोखेबाज बिना किसी OTP या पिन की जरूरत के आधार से जुड़े फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल कर बैंक खातों से पैसे निकाल रहे हैं। यह घोटाला आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (एईपीएस) पर आधारित है, जहां सिर्फ आधार नंबर और बायोमेट्रिक डेटा से लेन-देन संभव होता है। हाल के महीनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां लोग लाखों रुपये गंवा चुके हैं। RBI ने जनवरी 2026से नए नियम लागू कर इस पर अंकुश लगाने की कोशिश की है, लेकिन सतर्कता अभी भी जरूरी है।

घोटाला आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम क्या है?

बचा दें, यह ठगी आधार से जुड़े बैंक खातों को निशाना बनाती है। एईपीएस सिस्टम का फायदा उठाकर अपराधी पीड़ित के फिंगरप्रिंट को क्लोन कर लेते हैं और अनधिकृत तरीके से पैसे निकालते हैं। सामान्य बैंकिंग में ओटीपी या पिन की जरूरत पड़ती है, लेकिन एईपीएस में सिर्फ आधार प्रमाणीकरण से काम चल जाता है, जो इसे आसान निशाना बनाता है। धोखेबाज सिलिकॉन से बने नकली फिंगरप्रिंट या चोरी किए गए बायोमेट्रिक डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं।

घोटाला कैसे काम करता है?

1. डेटा चोरी:अपराधी पीड़ित का आधार नंबर और फिंगरप्रिंट प्राप्त करते हैं। यह दस्तावेजों से, असुरक्षित सिस्टम से या यहां तक कि पब्लिक प्लेस से उठाए गए प्रिंट से हो सकता है।

2. क्लोनिंग:सिलिकॉन या अन्य सामग्री से फिंगरप्रिंट की नकल बनाई जाती है।

3. लेन-देन:एईपीएस डिवाइस पर बिना SMS नोटिफिकेशन के सिर्फ क्लोन प्रिंट से बैंक खाते से पैसे निकाले जाते है।

4. बैंक का नाम:अपराधी पीड़ित के बैंक का नाम पता लगाकर सही खाते को टारगेट करते हैं।

बचाव के आसान उपाय

1. बायोमेट्रिक लॉक करें:यूआईडीएआई वेबसाइट या एम-आधार ऐप से फिंगरप्रिंट और आईरिस लॉक करें। इससे कोई अनधिकृत उपयोग नहीं हो सकेगा।

2. आधार लिंकिंग सावधानी से: केवल जरूरी जगहों पर आधार लिंक करें और अनजान कॉल्स पर ओटीपी न शेयर करें।

3. बैंक अलर्ट ऑन रखें:एसएमएस और ईमेल अलर्ट सक्रिय रखें, भले ही एईपीएस में नोटिफिकेशन न आए।

4. लाइवनेस डिटेक्शन:नए डिवाइस में लाइवनेस चेक वाली तकनीक का इस्तेमाल करें।

5. आधार डिटेल्स सुरक्षित रखें:कहीं भी फिंगरप्रिंट न छोड़ें और आधार नंबर शेयर न करें।

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